गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के छठें दिन बृहस्पतिवार को जिले भर में भगवती मां कत्यायनी स्वरूप की अराधना की गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सभी छोटे बड़े मंदिरों में लोग दर्शन के लिए पहुंचते रहे, जिसके चलते चहल-पहल बनी रही। मंदिर प्रशासन की ओर से कोरोना नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन श्रद्धालु इसकी परवाह नहीं कर रहे है। जल्दी दर्शन के लिए कतार में धक्का मुक्की के साथ भीड़ बनी हुई है।
मां कत्यायनी ने पिता के कुल की रक्षा का संदेश दिया है। नवरात्र में इस स्वरूप की पूजा को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इधर घरों में कलश स्थापित कर पूजन-अर्चन सतत चल रहा है। दुर्गा सप्तशती का पाठ कर भक्त ज्ञान अर्जन कर रहे हैं। शहर के रौजा स्थित नव देवी मंदिर में सुबह काफी संख्या में भक्त पहुंचे। मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर में महिलाओं ने परंपरागत धार दी। यहां भजन कीर्तन के साथ ही देवी गीत का भी आयोजन किया जा रहा है। बांराचवर स्थित अमवा की सती धाम में भी दूर दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। यहां ट्रैक्टर, जीप आदि पर महिलाएं देवी गीत गाती हुई आ रही हैं। यहां का रास्ता संकरा होने की वजह से जाम की स्थिति बन जा रही है। करहिया स्थित मां कामाख्या धाम में बृहस्पतिवार को अपेक्षाकृत अधिक भीड़ हुई। यहां शाम के समय आरती में श्रद्धालु समूह में गायन करते दिखे। आसपास के जिलों के अलावा बिहार से भी भक्त यहां मत्था टेकने आते हैं। करीमुद्दीनपुर की मां कष्टहरणी भवानी मंदिर में प्रशासन कोरोना के नियमों का पालन कराने पर जोर दे रहा है। इस बार अखंड दीप जलाने की अनुमति नहीं दिए जाने से श्रद्धालुओं में मायूसी है। कुछ महिलाओं ने घर पर ही अखंड दीप जलाया है। मुहम्मदाबाद के जमलापुर महाकाली मंदिर, मनोकामना देवी के मंदिर पर सुबह-शाम की आरती के अलावा दिन भर भक्तों के पहुंचने से चहल पहल बनी है। रेवतीपुर की प्रसिद्ध मां भगवती मंदिर दिन भर भक्तों से गुलजार है। इसी क्रम में दिलदारनगर शायर माता, देवकली की चकेरी धाम, बहरियाबाद टड़वा भवानी, सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित मां चंडी देवी, मतसा काली मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन पूजन कर रहे है।