शराब कारोबारियों की कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह की हत्या आर लूट मामले के खुलासे के लिए डीआईजी एसके भगत ने वाराणसी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी लगा दिया गया है। साथ ही वाराणसी परिक्षेत्र के जिलों की क्राइम ब्रांच को भी संयुक्त टीम में शामिल कर लुटेरों की तलाश कराई जा रही है। घटना के बाद से बदमाशों के संभावित ठिकानों पर की जा रही छापेमार कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट डीआईजी खुद तलब कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें पुलिस द्वारा यदि कोई लापरवाही बरती गई तो क्षम्य नहीं होगा।
मनोज सिंह की हत्या और उनसे 28 लाख रुपये की लूट के मामले को लेकर पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बीते मंगलवार को खुद वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी एसके भगत गाजीपुर आए थे। उनकी ओर से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया था। बाद में वह मृतक के घर भी गए थे।
इस दौरान उन्होंने घटना के खुलासे के लिए पुलिस को 7 दिन की मोहलत भी दी थी लेकिन बुधवार की देर शाम तक पुलिस के हाथ खाली ही थे। इस बाबत पूछे जाने पर डीआईजी ने बताया कि लुटेरों को गिरफ्तार कर उनसे लूटी गई नगदी बरामद करने के लिए अब वाराणसी एसटीएफ को भी लगा दिया गया है।
यही नहीं वाराणसी परिक्षेत्र के गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी तथा चंदौली की क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। लुटेरों की तलाश इन जिलों में भी की जा रही है। उनका कहना है कि हमारा जोर वारदात में शामिल रहे असली लुटेरों को गिरफ्तार कर उनसे लूटी गई रकम बरामद करने का है। जब तक असली लुटेरे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ जाते हैं, तब तक किसी भी प्रकार की जल्दबाजी करना ठीक नहीं होगा।
पुलिस कर सकती है खुलासा
मैनेजर हत्या व लूटकांड के मामले में बुधवार की देर रात एसपी डा. उमेशचंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस ने सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में छापा मारकर दो संदिग्ध युवकों को धर दबोचा।
दोनों युवक गमछे से मुंह बांधे थे। उन्हें पुलिस पकड़कर अपने साथ ले गई। छापेमारी में एसपी के साथ एएसपी सिटी, सीओ, क्राइम बांच सहित कई अन्य थानों की पुलिस शामिल थी। समझा जा रहा है कि पकड़े गए पुलिस घटना का खुलासा कर सकती है। जबकि एसपी का कहना था कि शक के आधार पर दोनों को पकड़ा गया है।