करीमुद्दीनपुर पुलिस ने बखरिया चौराहा से शनिवार की रात मारपीट के दौरान मनोज यादव पर जानलेवा हमला करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर किया। रविवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि रंजिश को लेकर शनिवार को बखरिया डीह गांव में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस दौरान एक पक्ष की ओर से चलाई गई गोली में मनोज यादव की बांह में गोली लगने से घायल हो गया था।
इस मामले में काशीनाथ यादव ने रामसपित यादव, रामप्रवेश यादव और आशीष के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। इसी बीच करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष दुर्गेश्वर मिश्र को किसी से सूचना मिली कि घटना के तीन आरोपी बखरिया चौराहा के पास खड़े हैं। मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद रामसपित यादव, रामप्रवेश यादव और आशीष को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर रामसपित के पास एक तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने चालान कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
हत्या ः सास और बहू गिरफ्तार
राघोपुर गांव निवासी कमलेश यादव की हत्या मामले में आरोपी सास- बहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस मामले में मृतक के पिता रामविलास यादव ने थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक का संबंध खिदिरपुर गांव की रहने वाली महिला जीरा देवी के साथ वर्षों से चल रहा था। जीरा देवी कमलेश के साथ भागकर एक वर्ष दिल्ली में भी रह चुकी है।
वहां से आने के बाद वह अपने पति करिमन के साथ रह रही थी। कमलेश के साथ जीरा का भागने का गुस्सा अभी भी उसके पति के मन में था। कमलेश अधिकतर जीरा से मिलने उसके घर आया करता था। शुक्रवार की रात जीरा ने कमलेश को फोन कर घर पर बुलाया। इसके बाद पति, सास संधारी देवी और पड़ोसी प्यारे के साथ मिलकर कमलेश की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाहर झाड़ी में फेंक दिया था। इस मामले में जमानिया पुलिस ने जीरा देवी और सास संधारी देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार पति करीमन और पड़ोसी प्यारे यादव की तलाश जारी है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पकड़ी गई सास-बहू को पुलिस ने जेल भेज दिया।