गुजरात के हिम्मतनगर के एक निजी कंपनी में सुपरवाईजर के पद पर कार्यरत संतोष पटेल की मौत ट्रेलर से दबकर हो गई थी। शुक्रवार को उसका शव गांव पहुंचने पर मातम पसर गया। रोना-पीटना मच गया। कई घरों में चूल्हे नहीं जले।
संतोष 22 जून को अपनी ड्यूटी के बाद भोजन कर कंपनी परिसर में सड़क किनारे बैठा था। तभी एक ट्रेलर बैक करते समय संतोष को अपनी जद में ले लिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, लेकिन डाक्टरों उसे मृत घोषित कर दिया।
हिम्मतनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और शव को कंपनी के कर्मचारियों को सौंप दिया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही गाँव और परिवार में कोहराम मच गया।
शुक्रवार की सुबह कंपनी के कर्मचारियों ने सड़क मार्ग के जरिए एंम्बुलेंस से मृत संतोष के शव को उसके गाँव पहुंचाया, जहां पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मृतक कि पत्नी बेबी देवी का रो-रो के बुरा हाल था। उसकी माँ पुतुल देवी बेटे के शव को देख चीत्कार उठी। पिता दूसरे शहर में किसी अन्य कंपनी में काम करते हैं।
संतोष पटेल की शादी तीन वर्ष पूर्वी भांवरकोल थाना अंतर्गत पंडितपुरा के रामाश्रय पटेल कि पुत्री बेबी के साथ हुई थी। उसका एक 19 माह का इकलौता बेटा गोलू है। पत्नी पति का शव देखकर बेहोश हो जा रही थी। गांव वाले उसे ढाढस बंधाने में लगे रहे। लोगों ने बताया कि संतोष बेहद मिलनसार स्वभाव का था।