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रंगदारी मामला: तीन आरोपियों को भेजा जेल

Mon, 05 Jan 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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जिला जेल के पास रविवार को रंगदारी के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया जबकि इस मामले में रंगदारी का एक लाख रुपये लेकर फरार हुए आरोपी की तलाश में पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी में जुटी है।
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गोपनीय सूचना के आधार पर रविवार को जिला पुलिस ने सुनील सैनी पुत्र उमाशंकर सैनी निवासी सेवठा मरदह, रमेश राम पुत्र गंगाराम निवासी फेफरा मरदह तथा विशाल कुशवाहा पुत्र स्व. रामबदन कुशवाहा निवासी आराजी ओड़ासन थाना बिरनो को गिरफ्तार किया था।

पुलिस पूछताछ से पता चला था कि लखनऊ के चर्चित माज हत्याकांड के मामले में जिला जेल में निरुद्ध आरोपी अजीत यादव द्वारा गोरखपुर के एक ईंट-भट्ठा मालिक से एक लाख रुपये रंगदारी मंगाई गई थी। अजीत द्वारा रंगदारी की रकम अपने मौसेरे भाई विनय यादव निवासी नसरतपुर बिरनो को देना बताया गया था। विनय अपने तीन साथियों सुनील सैनी, रमेश राम और विशाल कुशवाहा के साथ जिला जेल पहुंचा।
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यहां भट्ठा मालिक द्वारा रंगदारी का एक लाख रुपया विनय यादव को दिया गया। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने घेरेबंदी कर तीन सह आरोपियों सुनील सैनी, रमेश राम तथा विशाल कुशवाहा को धर-दबोचा जबकि रंगदारी के एक लाख रुपये लेकर विनय यादव फरार हो गया।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से दो बाइक भी बरामद की जिसमें एक चोरी की है। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी सुनील सैनी जेल में बंद अजीत यादव का खास है। माज हत्याकांड में यह भी आरोपी रहा है। एक माह पूर्व ही वह जेल से बाहर आया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में देर रात को ही मुकदमा दर्ज कर लिया।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश दुबे ने बताया कि सोमवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फरार आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

दोस्ती का भुगतना पड़ा खामियाजा
रंगदारी के इस मामले में पकड़े गए विशाल कुशवाहा की माने तो उसे महज दोस्ती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उसने बताया कि वह आराजी ओड़ासन थाना बिरनो का रहने वाला है। पिता की मौत के बाद उसे मृतक आश्रित कोटे में इंटर कालेज बेटावर जमानिया में क्लर्क की नौकरी मिली। नसरतपुर बिरनो निवासी विनय यादव से उसकी दोस्ती थी। रविवार को विनय ने उससे गाजीपुर चलने की पेशकश की। उसके कहने पर वह गाजीपुर आया। लेकिन उसकी करतूत और दोस्ती की वजह से उसे खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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