गहमर रेलवे स्टेशन के होम सिग्नल के पास बीते नौ अप्रैल को पटना राजधानी एक्सप्रेस के तीन डिब्बों में हुई डकैती की गुत्थी सुलझाने के लिए जीआरपी के अधिकारी पूर्व में हुई लूट की घटनाओं की फाइलों को खंगालने में जुट हुए हैं।
साथ ही सिग्नल रेड होने की स्थिति को स्पष्ट करने के लिए स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। पटना जीआरपी की ओर से मुकदमा दर्ज कर मुगलसराय जीआरपी को मामला स्थानांतरित करते ही रेलवे के सुरक्षा अधिकारी घटना के खुलासे में जुट गए हैं।
दानापुर-मुगलसराय रेलखंड के बीच ट्रेनों में हुई डकैती की पहले की घटनाओं की फाइलों को खोलकर लुटेरों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें सक्रिय गैंगों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने तथा लूटकांड का खुलासा करने में जुटी है। इतना ही नहीं जीआरपी के अधिकारी पूर्व की लूट में शामिल जेल में बंद अपराधियों से भी क्लू लेने में जुटी है।
सूची के आधार पर जीआरपी पुलिस जेल से इन बदमाशों का डाटा भी जुटाने में लगी है। जीआरपी पुलिस की माने तो राजधानी एक्सप्रेस में हुई बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले गैंग तक पहुंचने का प्रयास जारी है। जेल के अंदर रहते हुए भी ट्रेनों में लूट की घटना को अंजाम देने में महारथ हासिल रखने वाले बदमाशों द्वारा बाहर भी अपना नेटवर्क फैलाया गया है।
ऐसे गैंगों की भी तलाश की जा रही है। इन दिनों रेलवे पुलिस अपराधियों की धरपकड़, दबिश के साथ संदिग्धों से पूछताछ करने में जुटी है। यही नहीं जीआरपी पुलिस के अधिकारी सिग्नल के रेड होने और ट्रेन के रवाना होने के बीच लगे करीब 25 मिनट की स्थिति को भी स्पष्ट करने में जुटे हैं।
इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए स्टेशन पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उस दौरान ड्यूूटी पर तैनात आरपीएफ के पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।