कोतवाली क्षेत्र के कस्बा बाजार में मंगलवार को सराफ छोटे लाल वर्मा से हुई लूट के मामले में डीआईजी एसके भगत ने पुलिस कप्तान को दस दिन के भीतर लूटकांड का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया है। सराफ की दूकान और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर डीआईजी घायल सराफ से मिलने उसके घर भी गए। सराफ को आश्वस्त करते हुए डीआईजी ने कहा कि लूटकांड बदमाश पकड़े जाएंगे और लूटे जेवर भी पुलिस को बरामद करने होंगे। इसमें हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीआईजी बुधवार की देर दोपहर करीब ढाई बजे वाराणसी से गाजीपुर मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद वह पुलिस कप्तान डा. उमेश चंद्र श्रीवास्तव के साथ जमानिया कोतवाली गए और कोतवाल एएन सिंह से पूरे घटना की जानकारी ली। इसके बाद वह सराफ छोटेलाल की दूकान पर गए और यहां से पैदल घटनास्थल पर पहुंचे।
इसके बाद वह सीधे सराफ के घर पहुंचे। यहां उन्होंने घायल सराफ का हालचाल लिया। इसके बाद सराफ और उनके परिवारीजनों से लूट के बाबत बातचीत की। इस दौरान मौजूद व्यापारियों से भी डीआईजी ने वार्ता की। व्यापारियों का कहना था कि यदि आरोपी जल्द नहीं पकड़े गए तो लूटे गए जेवरों की बरामदगी नहीं हो पाएगी।
इस पर डीआईजी ने पुलिस कप्तान को दस दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का सही पर्दाफाश करने का निर्देश दिया। कहा कि लूटकांड में शामिल असली आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे लूटे गए जेवरों की शत प्रतिशत बरामदगी की जाए। डीआईजी ने यह भी बताया कि सराफा व्यापारियों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाने के साथ ही फरार चल रहे लुटेरों को गिरफ्तार करने का भी निर्देश पुलिस को दिया गया है। लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी की एसटीएफ, क्राइम ब्रांच के साथ ही पुलिस की चार टीमें लगाई गईं हैं।