करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के दुबिहां गांव में शुक्रवार की सुबह एक मकान में पहुंचे ठग गहना साफ करने के नाम पर करीब दो लाख के जेवरात लेकर चंपत हो गए। पीड़ित परिवार ने ठगों की काफी तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। पीड़ितों ने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी है।
दुबिहां गांव निवासी श्रीकांत पांडेय अपने दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान सुबह करीब दस बजे दो व्यक्ति वहां पहुंचे और कहा कि हम लोग पीतल, चांदी और गंदगी से पटे शौचालय तक को साफ करने का काम करते हैं। ऐसा केमिकल हमारे पास है। इस पर वहां बैठी परिवार की एक महिला ने अपनी चांदी की पायल साफ करने को कहा। ठग ने कटोरे में केमिकल डालकर पायल साफ कर दिया। यह देख महिला ने दूसरा पायल भी साफ करने के लिए दिया। दोनों पायल चमाचम होने पर महिला खुश हो गई और केमिकल भरा कटोरा लेकर मकान के अंदर चली गई।
इसके बाद परिवार के अन्य महिलाएं भी केमिकल भरे कटोरे में अपने सोने के जेवरात डालकर साफ करने लगी, लेकिन वह साफ नहीं हुआ। तब महिलाएं जेवरात सहित कटोरा लेकर बाहर आईं और ठगों को बताया कि यह साफ नहीं हो रहा है। ठगों ने महिला से हल्दी और कटोरे में पानी लाने को कहा। ठगों ने वहां बैठे श्रीकांत पांडेय से कहा कि आप घर के अंदर से स्टोव ले आइए जिससे पानी गर्म किया जा सके।
जैसे ही श्रीकांत घर के अंदर गए, दोनों ठग कटोरा सहित जेवरात लेकर फरार हो गए। बाहर आने पर दोनों को न देखकर श्रीकांत के होश उड़ गए और वह शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंच गए। गांववासी और पीड़ित ने गांव में इधर-उधर ठगों की तलाश की, लेकिन उनका कही अता-पता नहीं चला। पीड़ित ने बताया कि ठग करीब दो लाख के जेवरात लेकर चम्पत हो गए। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी है।
मालूम हो कि दो दिन पहले शहर के विकास भवन के पास ठगी का शिकार हुई एक महिला ने तीन ठगों को पहचान लिया था। उसके द्वारा ठग-ठग का शोर मचाने पर लोगों ने तीनों को ठगों को पकड़ लिया था। उनकी जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था।