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दलितों के घरों पर हुआ हमला

Fri, 05 Aug 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
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दलित - फोटो : ब्यूरो
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ढांड। गांव पबनावा में वीरवार देर रात शरारती तत्वों ने दलितों पर हमला कर दिया। जिससे दलित परिवारों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित दलित श्रीचंद, करनैल, मलकीत, नरेश, मेहर सिंह, बीरमति, प्रेमो देवी ने बताया की रात के समय अपने परिवार के साथ घर में बैठे हुए थे। उनके घर के बाहर शराबी युवक गालियां दे रहे थे।
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जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो वहां से चले गए। कुछ ही देर बाद फिर अन्य युवकों को साथ लेकर उनके घर पर हमला बोल दिया। बाहर से खड़े होकर उनके घर में ईंट बरसानी शुरू कर दी। उन्होंने घर की दीवारों के पीछे खड़े होकर अपना बचाव किया। फिर भी कई सदस्यों को चोटें आई है। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पुलिस चौकी में दी। पुलिस के पहुंचने के बाद भी हमलावर उनके घरों पर ईंट बरसाते रहे।
 
जाग कर काटी रात
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके घर में दरवाजे नहीं लगे हुए हैं। इस कारण उन्होंने हमलावरों के भय से सारी रात जागकर काटी है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस मेें शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी जानमाल को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि अगर उन्हें प्रशासन की ओर से शीघ्र ही सुरक्षा नहीं मिली तो अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिए गांव से पलायन भी करना पड़ सकता है।
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दलित राजेंद्र कुमार ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि 3 अगस्त 2014 को गांव के ही दलित लख्मी पर हमले के मामले में वह गवाह है। 8 जून 2016 को गांव के ही बस स्टैंड पर रंजिशन गांव के स्वर्ण जाति के युवाओं ने उसको कार से मारने का प्रयास किया था। जिसकी शिकायत पुलिस में दी थी। आज तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

वहीं दूसरी ओर इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से भी एक युवक को गंभीर चोटें आने की सूचना है। जिसे पीजीआई में रेफर किया गया था। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। ना ही आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई शिकायत मिली है।

वर्ष 2014 में हुआ था बड़ा विवाद, सरकार के हस्ताक्षेप से निपटा था मामला
इस गांव में दलितों और दूसरी बिरादरी के लोगों में वर्ष 2014 में बड़ा विवाद हुआ था। जिसमें सरकार के हस्तक्षेप से मामला निपटा था।

हमले की सूचना के बाद दलितों के घर के बाहर गली में एक स्पेशल पीसीआर लगा दी गई है। पुलिस चौकी में मुलाजिमों की संख्या बढ़ा दी गई है। गांव में स्थिति सामान्य है। मामले पर मैं स्वयं नजर रखे हुए हूं। दिन के समय कई बार गश्त की है। किसी भी शरारती तत्व को पनपने नहीं दिया जाएगा। दलितों को हर प्रकार से सुरक्षा दी जाएगी।
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रमेश चंद, थाना प्रभारी ढांड
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