किशोरी को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने के मामले में हिरासत में लिये युवक को छुड़ाने के लिए ग्रामीणों ने रविवार की दोपहर करीमुद्दीन थाने के एसआई अशोक गुप्ता सिपाही परवेज आलम की पिटाई कर दी। इसमें दरोगा का सिर फट गया। दरोगा की तहरीर पर मामले में पुलिस ने गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रविवार को देर रात विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
थाना क्षेत्र के कामूपुर गांव के लोग डरे-सहमे हुए हैं। रविवार को छठ पर्व के दिन खाकी के खौफ से गांव के युवक और पुरुष अपने घरों से गायब रहे। इलाके में रात को खाकी वर्दीधारियों के बूटों की आवाज गूंजती रही। सभी अपने घरों में दुबके हुए थे। ऐसी नौबत एक दारोगा तथा सिपाही की पिटाई करने की वजह से आई थी। मामले में कई परिवार के लोग नामजद कर दिए गए हैं।
मुहम्मदाबाद सीओ आलोक कुमार ने बताया कि कामूपुर गांव की एक महिला ने पुत्री को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में गांव के ही दो युवक मंजूर अंसारी और सुबोध पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की विवेचना करने रविवार की दोपहर बाद एसआई अशोक गुप्ता और सिपाही परवेज आलम कामूपुर गांव गए हुए थे। महिला के शक के आधार पर एसआई ने कपूर राजभर के पुत्र विष्णु राजभर (09) से पूछताछ की। उसने चंदन राजभर का नाम बताया। एसआई और सिपाही चंदन राजभर के घर पहुंचे। घर से चंदन को बाइक पर बैठाकर थाने ला ही रहे थे। तभी कामूपुर चट्टी के पास कुछ लोगों ने एसआई और सिपाही को घेर लिया। चंदन को छुड़ाने के लिए लोगों ने मारपीट शुरू कर दी।
बताया कि इस मामले में कपूर राजभर, राजेंद्र, अमरनाथ, अंबिका और छोटक के साथ दस अज्ञात लोगों के खिलाफ एसआई आशोक गुप्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गांव में एहतियातन पीएससी तैनात कर दी गई है। मारपीट के मामले में नामजद और अज्ञात लोगों की धर-पकड़ जारी है।