करंडा थाना क्षेत्र के बड़सरा में सितंबर 2011 में हुई आगजनी, मारपीट और लूटपाट के मामले में प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के नेता अरुण सिंह सहित 34 आरोपियों को शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रूपेश रंजन की अदालत में पेश किया गया। अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया हत्या के प्रयास, डकैती आदि धाराओं में आरोप तय किया गया। साक्ष्य के लिए 26 मार्च की तिथि मुकर्रर की गई है।
अभियोजन के अनुसार एक सितंबर 2011 को करंडा क्षेत्र के बड़सरा में जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह के नेतृत्व में लामबंद लोगों और बदरे आलम के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसको लेकर बदरे आलम को जान से मारने के उद्देश्य से अमरेश कुमार गुप्ता ने असलहे से फायर किया। साथ ही उनकी डीजल की दूकान से पांच हजार रुपये लूट लिए गए। इसके अलावा भयभीत कर बदरे आलम के भाई के विद्यालय मौलाना अब्दुल कलाम आजाद स्कूल में रिकार्ड लूट लिए ।
विद्यालय में आगजनी भी की गई। फर्नीचर आदि जलकर नष्ट हो गए। लोगों ने मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में बदरे आलम ने करंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। शुक्रवार को अरुण सिंह सहित अन्य आरोपियों की मौजूदगी में मामले की सुनवाई की गई और आरोप तय किया गया।
कुल 34 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं। इनपर भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 147, 148, 149, 307, 395, 397, 436, 323, 504 और 506 के तहत आरोप तय किए गए। अदालत ने गवाहों को तलब करते हुए साक्ष्य के लिए 26 मार्च की तिथि तय की गई। आरोपियों में एक अरुण सिंह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के नेता हैं और इन दिनों करंडा क्षेत्र के हेरोइन तस्कर की पिछले दिनों वाराणसीमें हुई गोली मारकर हत्या के आरोपी हैं। इन दिनों वह वाराणसी जेल में निरुद्ध हैं। वहां से उनको सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाकर अदालत में पेश किया गया।