गाजीपुर। खानपुर थाना पुलिस ने शनिवार की रात वाहन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध चारपहिया वाहन को रोका। कार सवार में सवार तीन लोग भाग निकले, जबकि दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कार सहित तमंचा, कारतूस सहित मोबाइल, एटीएम कार्ड आदि सामान बरामद किया। पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अभियुक्तों को पेश करते हुए पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि गिरफ्त में आए अभियुक्त शातिर किस्म के लुटेरे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के साथ ही संदिग्ध वाहनों की जांच-पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार की रात क्षेत्र में भ्रमण के दौरान खानपुर थानाध्यक्ष जितेंद्र दूबे जमीन संदल गांव के पास एक संदिग्ध कार पर नजर पड़ी। उन्होंने चेकिंग के लिए जैसे ही कार को रुकवाया, पीछे बैठे तीन लोग निकलकर भाग निकले। उनके भागते ही आगे बैठे दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पुलिस ने एक कार, दो 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, सात मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड, एक पैन काड, दो डीएल, एक आधार कार्ड बरामद किया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना नाम वाराणसी के लंका थाना के मलदहिया निवासी गोरख उर्फ अनिल यादव तथा वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के जानकी नगर (भगवानपुर) निवासी आशीष उर्फ रिशु झा बताया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त आशीष ने बताया कि उसका सुजीत कुमार निवासी युसुफपुर थाना जमालपुर मिर्जापुर से दुश्मनी चल रही थी। उस पर उसने योजनाबद्ध तरीके से अपने साथी गोरख उर्फ अनिल, मंगल उर्फ मंगलम, अभिमन्यु सिंह उर्फ छोटू और मुनीब के साथ मिलकर सुजीत को जबरन गाड़ी में रोककर मारा पीटा और उसके पास कुछ नगद तथा पैन, आधार कार्ड, एटीएम, डीएल के साथ ही मोबाइल छीन लिया था, जो उसके पास से बरामद हुआ है। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष के साथ उप निरीक्षक विनय सिंह, हेड कांस्टेबल गुलाबधर पांडेय, रामराज, प्रेमचंद पांडेय शामिल थे।