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बालक की मौत पर शोक में बंद रही दुकानें

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कासिमाबाद। कस्बा निवासी अजय कुमार गुप्ता के आठ वर्षीय पुत्र की सोमवार की रात सड़क दुर्घटना में हुई मौत से एक तरफ जहां मृतक के घर कोहराम मच गया। वहीं ग्रामीणों में शोक व्याप्त हो गया। मंगलवार को शोक में कासिमाबाद की सभी दुकानें बंद रही। लोगों ने शोकसभा कर मृतक बालक को श्रद्धांजलि अर्पित की। एसडीएम को पत्रक सौंप पीड़िता को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही सभी मार्गों पर ब्रेकर का निर्माण कराने की गुहार लगाई।
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कस्बा निवासी अजय कुमार गुप्ता के पुत्र रोहित गुप्ता (08) यूसुफपुर-कासिमाबाद मार्ग पर सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे घर से कुछ दूरी पर ही ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद चालक फरार हो गया। घटना से जहां मृतक के घर कोहराम मच गया था, वहीं ग्रामीण शोक में डूब गए थे। मृतक के घर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया था। शोक में मंगलवार को कासिमाबाद में सभी दुकानें बंद रहीं। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने कासिमाबाद चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रधान राजेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी कासिमाबाद मनसा राम वर्मा से मिलकर उन्हें पत्रक सौंप गरीब परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। चौक के चारों मार्गों पर गति अवरोध बनवाने की मांग की। उपजिलाधिकारी ने गंभीरता पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। शोक व्यक्त करने वालों में राजेश कुमार सिंह पप्पू, झुन्नू सिंह, अरविंद जायसवाल, नाथू सिंह, विंध्याचल चौरसिया,ं कन्हैया गुप्ता, दहाड़ी गुप्ता, पाखंडी गोड़, अरविंद सिंह, शाहनवाज सहित सैकड़ों दुकानदार शामिल रहे।

कासिमाबाद। स्थानीय कस्बा निवासी अजय कुमार गुप्ता का पुत्र रोहित (8) अपने भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा भाई अंकित उसके बाद बहन मोनी एवं नंदनी है। रोहित के पिता हलवाई है। इसके साथ ही घर से कुछ दूरी पर ठेला पर चाउमीन बेचने का कार्य करते है। सोमवार को पिता अजय गुप्ता लगन में काम करने के लिए गए थे। इसलिए मां पुष्पा देवी चाउमीन की दुकान पर थी। सोमवार को रात करीब साढ़े 8 बजे काल के अंजान रोहित दुकान पर पहुंचा और बहन को खिलाने के लिए एक प्लेट चाउमीन लेकर घर की तरफ बढ़ा। वह घर से कुछ ही दूरी पर था कि काल के रूप में आए ट्रक ने उसकी जान ले ली। जानकारी होते ही जहां मां दुकान छोड़कर बदहवास होकर मौके पर पहुंची, घबराहट के बीच भाई-बहन। सूचना मिलते ही कुछ ही देर में पिता भी वहां पहुंच गए। रात के सन्नाटे में मृतक के परिवार वालों की चीख-पुकार गूंजने लगी। बहनें मोनी एवं नंदनी बिलखे हुए कभी भाई के शव तो कभी वहां बिखरे चाउमीन को निहारे हुए यह कह रही था कि अगर रोहित चाउमीन लेने के लिए दुकान पर नहीं गया तो शायद उसकी जान नहीं गई होती। उनकी इस व्यथा को सुन सांत्वना देने वालों की आंखें भी भर आ रही थी।
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