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सिपाही हत्याकांड: दहशत में हैं ग्रामीण, पांच और गिरफ्तार

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गाजीपुर। कठवामोड़ पुल के पास बीते शनिवार को निषाद पार्टी के लोगों द्वारा जाम के दौरान उपद्रव करते हुए हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वस्त की लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से पीटकर की गई हत्या के मामले में पांच और आरोपियों को सोमवार की रात पुलिस ने छापेमारी कर अटवा गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की छापेमारी से खाकी का खौफ अब भी ग्रामीणों के बीच बना हुआ है।
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जिला मुख्यालस से सात किमी दूर स्थित कठवामोड़ पुल के पास निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 29 दिसंबर 2018 को धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम किया था। जाम समाप्त कराने गई पुलिस पर जमकर पथराव करने के साथ ही एक पुलिस कर्मी की पिटाई कर दी थी। इसके बाद अस्पताल आते-आते पुलिस कर्मी की मौत हो गई। वाकया उस समय हुआ था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आरटीआई मैदान में आयोजित सभा में ड्यूटी के बाद करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष अपने हमराहियों के साथ वापस थाने लौट रहे थे। पुलिस ने मामले में कुल 32 लोगों के खिलाफ नामजद और 150 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। जिसमें से पहले 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मंगलवार को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। पुलिस की निंरतर छापेमारी और कार्रवाई से निषाद टोली दहशत में है। चहुओर खाकी का खौफ समाया हुआ है। आलम यह है कि नामजद के साथ ही अटवा और चकफरीद गांव के निषाद बिरादरी से जुड़े युवक, बुजुर्ग तथा बालक तक डरे सहमे हुए हैं। आलम यह है कि कोई भी पुरूष सदस्य गांव में नहीं आ रहा है। दोषी हो या निर्दोष सबके अंदर खाकी का खौफ समाया हुआ है। बड़ेसर गांव के गंधपा गांव निवासी निषाद पार्टी का महासचिव तथा मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी तलाश में अलग से पुलिस टीम गठित की गई है। लेकिन उसका सुराग नहीं मिल सका है। इस संबंध में एसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल ने बताया कि सिपाही हत्याकांड के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
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