गंगा नदी में शुक्रवार को श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक डूब गई थी। सभी को तटवर्ती मल्लाहों ने सुरक्षित बचा लिया था। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामिया गंगा घाट के पास हुई थी। नाव हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने सदर एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित कर कारणों का पता लगाकर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। यह संयोग था कि इस हादसे में सभी को घाट पर मौजूद मल्लाहों द्वारा बचा लिया गया था।
मेदनीपुर गांव की महिलाएं ताड़ीघाट निवासी नाव संचालक की नाव पर सवार होकर शहर के गंगा घाटों पर स्थापित मंदिरों पर पूजा-पाठ करने के साथ मासूम रूद्र प्रताप सिंह का शक्ति पूजन करने के बाद गांव लौट रही थी। नाव करीब 35 महिला श्रद्धालुओं से भरी हुई थी। जैसे ही नाव इस्लामिया घाट के सामने पहुंची, नाव में पानी भरने के चलते डूब गई। घाट पर मौजूद मल्लाहों ने गंगा में छलांग लगाकर नाव पर सवार डूबे सभी श्रद्धालुओं को सही-सलामत पानी से बाहर निकाल लिया। घटना की जानकारी होते ही डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर विनय कुमार, सीओ सिटी हृदयानंद सिंह और जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण को नामित कर टीम का गठन किया। जिलाधिकारी ने टीम से घटना का विवरण, कारण और जिसके कारण हुई घटना सहित कार्रवाई के संबंध में जांच कर रिपोर्ट जल्द से जल्द देने का निर्देश दिया है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन कर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - के बालाजी, जिलाधिकारी