गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के शनबाजार निवासी रितु वर्मा पत्नी अजय कुमार वर्मा ढाई साल पहले अचानक घर से गायब हो गई। उसके लापता होने के ढाई साल बाद भी पुलिस उसकी तलाश नहीं कर सकी। इस मामले में पीड़िता कौशल्या देवी परिवार के मासूम बच्चों के साथ बुधवार को पुन: सरयू पांडेय पार्क में धरने पर बैठ गई। कौशिल्या का आरोप है कि उसके पूरे परिवार को बेकसूर होने के बाद भी जानबूझ कर फंसाया गया है। उसके सभी पुत्रों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। जबकि नार्को टेस्ट में सभी निर्दोष साबित हुए हैं।
शहर के शनबाजार निवासी रितु वर्मा बीते 10 नवंबर 2016 को अचानक घर से गायब हो गई थी। परिजन उसकी काफी दिनों तक खोजबीन किए। लेकिन उसका कहीं अता-पता नहीं चला। इस प्रकरण में रितु वर्मा के मायके वालों ने पति समेत पांच लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया था। जबकि कौशल्या का आरोप है कि रितु वर्मा को ससुराल से गायब करने में उसके मायके वालों का ही हाथ है। मेरे आरोपी पुत्र और पौत्र का नार्को टेस्ट तक हो चुका है। जिसमें सभी निर्दोष पाए गए हैं। बावजूद इसके रितू वर्मा को पुलिस खोजने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। पुलिस की उदासीनता के कारण निर्दोष बेटे जेल की सलाखों के पीछे हैं। पीड़ित परिवार ने इस मामले में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल समेत अन्य उच्चाधिकारियों से गुहार कर रही है, लेकिन उनकी सुनने को कोई तैयार नहीं है। इससे मजबूर होकर पीड़िता कौशल्या देवी अपने परिवार के साथ बुधवार को सरयू पांडेय पार्क में धरने पर बैठ गई। कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा।