दुबिहां(गाजीपुर)। करीमुद्दीनपुर थाने के नरयनापुर गांव में एक दलित युवक ने गड़ासे से काटकर पत्नी की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी और उसका पूरा परिवार घर छोड़ कर भाग गया। घटना गुरुवार की रात करीब 12 बजे की है। उस वक्त पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था। काफी देर बाद मृतका के पास सोये अबोध बच्चों की नींद खुलने पर लोगों को घटना की जानकारी हुई। तब किसी व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने मृतका के दोनों बेटे यशवंत (सात) तथा बिट्टू (पांच) से काफी देर तक पूछताछ की। इस प्रकरण में मृतका के पिता मंगनी राम की तहरीर पर पति के विरुद्ध हत्या का मुुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुट गई है। उधर एसपी सोमेन वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्याकांड के तत्काल खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
क्षेत्र के नरयनापुर गांव निवासी श्रीकिशुन राम के बेटे रमेश राम की शादी वर्ष 2008 में मंगनी राम की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। शादी के कुछ वर्ष बाद तक पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छे रहे। इस बीच सुनीता ने दो बच्चों को भी जन्म दिया। बीच में रमेश अपनी पत्नी को लेकर हैदराबाद चला गया। वहां कई साल तक एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी किया। नौकरी के दौरान रमेश को शराब आदि नशे की लत लग गई और वह अपनी पत्नी को आए दिन मारने-पीटने लगा। वह पत्नी को हमेशा शक की निगाह से देखता तथा गैर मर्द के साथ नाजायज संबंध होने का आरोप भी मढ़ता था। इसी बात को लेकर आए दिन दोनों में मारपीट होती रहती थी। रमेश करीब एक वर्ष पहले पत्नी को हैदराबाद से गांव लेकर चला आया, लेकिन दोनों के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ। सुनीता का मायका करीमुद्दीनपुर थाने के कामूपुर गांव में है। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए सुनीता के पिता मंगनी राम ने भी कई बार पंचायत की, लेकिन मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा था।
गुरुवार की रात दोनों किसी बात को लेकर झगड़ गए। बात बढ़ते देर नहीं लगी। पति ने पत्नी को सबक सिखाने की धमकी दी। सुनीता पूरे परिवार को खाना खिलाने के बाद अपने दोनों बच्चों यशवंत और बिट्टू को लेकर छत पर सोने चली गई। देर रात पति रमेश भी छत पर पहुंच गया और सुनीता को मारा-पीटा तथा गड़ासे से गला काट कर हत्या कर दी। पुलिस की माने तो गड़ासे से काटने से पहले उसने सुनीता का गला घोंट दिया था। बाद में गर्दन काट दी। सुनीता की मौत के बाद भोर में बच्चों की नींद खुली और मां को खून से लथपथ देख जोर-जोर से चिल्लाने लगे। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य छत पर पहुंचे। सुनीता को खून से सना देख सभी घर छोड़ कर भाग निकले। इस संबंध में सीओ मुहम्मदाबाद महिपाल पाठक ने बताया कि विवाहिता की हत्या के मामले में पिता मंगनी राम ने तहरीर दी है। पुलिस ने पति रमेश राम के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर धर पकड़ शुरू कर दी है।
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पिता के गुनाहों की सजा भुगतेंगे बच्चे
मां के शव को एक टक निहारते रहे बच्चे
बच्चों को गले लगा बिलखने लगे नाना-नानी
अमर उजाला ब्यूरो
दुबिहा। कहा जाता है कि गुस्से में लिया गया हर फैसला गलत होता है। शायद कुछ इसी तरह का फैसला ले लिया रमेश राम ने। अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी और पूरे परिवार के साथ फरार हो गया। अब उसकी नासमझी की सजा उसके मासूम बच्चों को भुगतना पड़ेगा। थाने में बैठे बच्चे एक टक मां के शव को निहार रहे थे। यह देख सबकी आंखें भर जा रही थीं।
मृतका सुनीता के पिता मंगनी राम और उसकी मां बादामी देवी बेटी की मौत पर रो-रो कर बेहाल थे। थाना में मौजूद मृतका के बेटे यशवंत (7) और बिट्टी (5) मां की मौत से अनजान होकर एक टक उसके शव को निहारते रहे। बिलख रहे नाना-नानी को देख कभी-कभी बच्चे भी रोने लग रहे थे। और तोतली जुबान में नाना-नानी से यह पूछने लग रहे थे मां को क्या हो गया। उनके इस सवाल पर मृतका के माता-पिता का दर्द और बढ़ जा रहा था और वे बच्चों को गले से लगा कर दहाड़े में मार कर चीखने-चिल्लाने लग रहे थे। उन्हें सांत्वना देने वालों की आंखें भी छलछला जा रही थीं। घटना को लेकर हर कोई दुखी था। लोगों में यह चर्चा होती रही कि पति ने ही पत्नी को कत्ल कर दिया। मासूम बच्चों को उसकी मृत मां के पास छोड़कर परिवार के लोगों के साथ फरार हो गया। पिता रमेश के गुनाहों की सजा मासूम बच्चों को भी भुगतना पड़ेगा।
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लहुरी काशी में तेजी से बढ़ रहा अपराध का ग्राफ
आए दिन हो रही हत्या, लूट और चोरी की वारदात
लाख प्रयास के बाद भी पुलिस ंनहीं लगा पा रही रोक
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। लहुरी काशी कहे जाने वाले गाजीपुर जिला में इस समय अपराध की आंधी चल रही है। दस दिनों में हत्या, लूट, चोरी, छिनैती की घटनाओं ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बढ़ता अपराध कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। आलम यह है कि पुलिस कुछ संगीन वारदात का खुलासा करने में जुटी है, तो अपराधी दोबारा वारदात को अंजाम देने और पुलिस को चुनौती देने में।
लहुरी काशी कहे जाने वाले जिले की पहचान एक तरफ जहां शहीदी धरती के रूप में होती रही है तो अपराध की घटनाओं को लेकर भी यह जिला हमेशा से सुर्खियों में रहा है। अपराधी गिल्ली-डंडे की तरह अपराध का खेल, खेलते रहे हैं। हालत यह है कि पुलिस अभी एक आपराधिक मामले का खुलासा कर रही तो दूसरे संगीन वारदात को अंजाम देकर बदमाश फिर से पुलिस को चुनौती दे, दे रहे हैं। बीते छह जून की शाम तीन बजे दुल्लहपुर थाना के गाजीपुर-आजमगढ़ राजमार्ग पर भगीरथपुर जाने वाली सड़क पर जलालाबाद गांव के पास बाइक सवार तीन बदमाश भगीरथपुर निवासी डा. विजय चौहान को तमंचा से आतंकित कर एक लाख नकदी और मोबाइल छीन कर फरार हो गए थे। सात जून को सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के नगर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में उचक्का ने विक्रमपुर निवासी जमीला से फुटकर कराने का झांसा देकर 16 हजार उड़ा दिया था। 11 जून की रात कासिमाबाद थाना क्षेत्र के महरुपुर सबुनिया गांव निवासी राजेश चौहान ने खेत में सिंचाई के दौरान फावड़ा से वार कर पत्नी फूलमती चौहान (28) की निर्मम हत्या कर दी थी। 10 जून को खानपुर थाना क्षेत्र के अनौनी बाजार में आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थाना के लाल मऊ निवासी राहुल उर्फ गोलू सिंह की पैसा के लेन-देन में लोहे के राड से वार कर हत्या कर दी गई थी। 11 जून की सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र के हमीद सेतु के नीचे बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना के भाटी गांव निवासी शशांक कुमार (12) का खून से लथपथ शव मिला था। उसका अपहरण हुआ था। 12 जून की रात गहमर थाना क्षेत्र के लगना गांव के ग्राम प्रधान के चचेरे भाई श्रीकांत यादव (30) की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी।
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जिले में चोरों का भी हौसला है बुलंद
गाजीपुर। बीते चार जून की रात भुड़कुडा कोतवाली क्षेत्र के सेमऊर गांव निवासी शंभू शर्मा के मकान से 35 हजार नकदी सहित हजारों के जेवरात और छह जून की रात नंदगंज थाना क्षेत्र के पश्चिमी रेलवे क्रासिंग के पास चोरों ने कटरा में स्थित किराए पर रह रहे पांच लोगों के कमरा का दरवाजा तोड़कर चोरों ने सवा लाख नकदी और आठ लाख का गहना पार कर दिया था। इसी रात कासिमाबाद थाना क्षेत्र के यूसुफपुर मार्ग पर चोर चार लोगों का सबमर्सिबल पंप सहित बैट्री, स्टार्टर और केबिल चुरा ले गए थे। 11 जून की रात सैदपुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर हथिनि गांव निवासी सुरेंद्र यादव और अमरनाथ यादव के मकान से 50 हजार नकदी और पांच लाख के जेवरात की चोरी हुई थी।