मुहम्मदाबाद(गाजीपुर)। तहसील परिसर में मंगलवार को उपजिलाधिकारी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति के बीच नोकझोंक के साथ हाथापाई भी हुई। इसके बाद पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस मामले को खुद संज्ञान में लेकर छानबीन में जुटी है।
तहसील कार्यालय में पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंदा यादव के पति राजेंद्र यादव हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के संबंध में एसडीएम रमेश यादव से कंप्यूटर कक्ष में बातचीत करने गए थे। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच वाद- विवाद के बाद नोकझोंक होने लगी। दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। इसी बीच शोर सुनकर तहसील परिसर में मौजूद सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी एवं वादकारी भी मौके पर पहुंच गए। विवाद को लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। राजेंद्र यादव की गिरफ्तारी के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस सलेमपुर स्थित उनके आवास पर दबिश देने पहुंच गई। राजेंद्र यादव ने बताया कि एक पखवारा पूर्व हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। आबकारी विभाग में दुकानों के लिए फार्म जमा करने के लिए मात्र दो दिन शेष रह गए हैं, लेकिन उपजिलाधिकारी की ओर से हैसियत प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इसी संबंध में बातचीत करने गया था। तभी एसडीएम बेवजह नाराज होने लगे और धक्का देकर गेट से बाहर कर दिया। वहां उपस्थित फोर्स को मारने के लिए ललकारने लगे। मैं किसी तरह जान बचा कर वहां से भाग निकला। विवाद के बाद बड़े पैमाने पर समाचार लिखे जाते समय फोर्स सलेमपुर स्थित चंदा यादव के आवास पर जमी रही। कोतवाल कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि किसी की तरफ से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर प्राप्त होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।