गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के तेलपुरवा मुहल्ले में स्थित काली मंदिर के पास बारावफात पर कार्यक्रम करने को लेकर शनिवार की सुबह दो समुदायों में शोर-शराबा के बीच झपड़ शुरू हो गई। एक समुदाय के लोगों का आरोप था कि पहले चौक पर यह प्रोग्राम होता था, जबकि दूसरे समुदाय का कहना था कि पिछले वर्ष भी यहां कार्यक्रम कराया गया था। सदर एसडीएम, एसपी सिटी और सदर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रोग्राम करने वाले समुदाय के लोगों से बातचीत कर मामले का हल निकालते हुए आपसी सद्भाव को बिगड़ने से रोका।
तेलपुरवा मुहल्ला स्थित काली मंदिर के पास कार्यक्रम करने के लिए एक समुदाय के लोग बारावफात पर्व के लिए झंडा आदि लगा रहे थे। यह देख दूसरे समुदाय के लोगों में रोष व्याप्त हो गया। वह कहते हुए हो-हल्ला करने लगे कि आज तक यह कार्यक्रम चौक पर होता था, तो फिर इस वर्ष यहां करने की क्या जरूरत है। इसे लेकर मामला बढ़ गया और दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों समुदाय के लोगों को बातचीत के लिए रजदेपुर पुलिस चौकी पर लाई।
सदर एसडीएम विनय कुमार, एसपी सिटी प्रदीप दुबे, कोतवाल राजीव सिंह पुलिस फोर्स के साथ चौकी पर पहुंच गए। मामला बिगड़ता देख पुलिस सख्त हो गई और खड़े लोगों को वहां से खदेड़ना शुरू कर दिया। एसपी सिटी और सदर एसडीएम ने दोनों समुदाय के लोगों से वार्ता करते हुए करते हुए दोनों का तर्क सुना। पिछले वर्ष रजदेपुर चौकी तैनात रहे चौकी प्रभारी शिवकुमार को बुलवाया। चौकी प्रभारी ने एसपी सिटी और एसडीएम से बताया कि पिछले वर्ष प्रोग्राम करने के लिए अनुमति की गई थी। इस पर अधिकारियों ने प्रोग्राम करने वाले लोगों से यह कहा कि इस वर्ष उक्त स्थान पर प्रोग्राम कर लीजिए, लेकिन अगले वर्ष से बिना अनुमति के उस स्थान पर कोई भी किसी प्रकार का प्रोग्राम नहीं करेगा। सदर एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि दोनों समुदायों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया। इस बार प्रोग्राम करने की अनुमति देते हुए समुदाय के लोगों से कहा गया कि अगले वर्ष बिना अनुमति के उस स्थान पर कोई भी किसी प्रकार का कार्यक्रम नहीं करेगा।