मरदह। थाना क्षेत्र के डोड़सर गांव स्थित जर्जर मकान में दफनाए गए शव को डीएम के निर्देश पर बुधवार को पुलिस ने कब्र खोदवा कर बाहर निकलवाया। शव बाहर निकते ही पत्नी ने मृतक की पहचान पति राजेंद्र वनवासी के रूप में की। पुलिस ने कासिमाबाद एसडीएम एवं सीओ के निगरानी में पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उधर, पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की तह में जाने का प्रयास कर रही है।राजेंद्र वनवासी पत्नी और बच्चों के साथ शहर कोतवाली के बुजुर्गा गांव स्थित ससुराल में रहता था। वह पंचायत चुनाव के दौरान घर आया था, लेकिन ससुराल वापस नहीं गया। काफी दिन होने के बाद पत्नी गीता देवी बच्चों के साथ डोड़सर गांव पहुंची और ससुराल वालों पर पति की हत्याकर जर्जर पड़े पैतृक मकान में शव दफनाने का आरोप लगाया। ऐसे में राजेंद्र की मां महाबी देवी ने लगाए गए आरोप की जानकारी ग्रामीणों दी थी। सूचना पर पुलिस ने पहुंच कर छानबीन की थी तो जर्जर मकान में कब्र मिली थी। जिसकी खुदाई के लिए डीएम के यहां एक जून को आवेदन किया गया था। डीएम के निर्देश के बाद कासिमाबाद एसडीएम भारत भार्गव एवं सीओ विजय आनंद शाही की निगरानी में बुधवार को शव कब्र से बाहर निकलवाया गया। शव देखते ही पत्नी गीता देवी और मां महाबी देवी बिलखने लगीं। थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि एसडीएम और सीओ की निगरानी में शव कब्र से बाहर निकाला गया। मृतका की पत्नी की शिनाख्त के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में हत्या कैसे हुई अब रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा।