सादात। स्थानीय थाना क्षेत्र के मखदुमपुर बाजार में मंगलवार को चिकित्सा विभाग की टीम ने एक झोलाछाप डाक्टर की क्लीनिक पर छापेमारी की। हालांकि उस चिकित्सक को छापेमारी की जानकारी पहले ही मिल गई थी और वह मौके से फरार हो चुका था। मजबूरी में टीम को क्लीनिक में रखे उपकरणों को बरामद कर संतोष करना पड़ा। टीम ने संबंधित डाक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उक्त कार्ररवाई से आस-पास के कई बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है।
कासिमाबाद तहसील के बहादुरगंज में झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से एक प्रसूता की मौत हो गई थी। इस खबर को तथा इसके बाद के फालोअप को अमर उजाला अखबार ने लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके अलावा अन्य स्थानों के झोलाछाप चिकित्सकों की प्रेक्टिस को उजागर किया जा रहा है। इन खबरों को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा विभाग की टीम हरकत में आ गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर नोडल अधिकारी चिकित्सा डाक्टर प्रगति कुमार दिन में बारह बजे पहुंचे और मखदूमपुर बाजार में प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डाक्टर बालू लाल पुत्र संतोषी की क्लीनिक पर छापा मारा। इधर छापा डालने वाली टीम के आने की भनक लगते ही झोलाछाप डाक्टर फरार हो गया। पुलिस और छापा डालने वाली टीम हाथ मलकर रह गई । विवश हो कर टीम ने क्लीनिक में उपलब्ध डाक्टरी उपकरण एवं सामग्री बरामद कर लिया। बरामद की गई सामग्री और उपकरण में मेवेट मशीन, आला, बेबी वेट मशीन, पैथालाजी रिपोर्ट, डायरी, ढेर सारी दवाएं , इंजेक्शन सहित तमाम सामग्री शामिल थी। डाक्टर प्रगति कुमार ने उस चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई है। बताया कि झोलाछाप डाक्टर के पास कोई भी डिग्री नहीं थी। वह लोगों का इलाज करता था तथा कई केस खराब कर चुका था। लोगों ने इसकी शिकायत डीएम से किया था।