गाजीपुर। जनपद में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। आए दिन लोगों के खातों से हजारों रुपये उड़ाए जा रहे हैं। पुलिस इन घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। इतना ही नहीं भुक्तभोगी का एफआईआर तक भी दर्ज नहीं किया जा रहा है। वह महीनों थाने का चक्कर काटता रहता है। कुछ इसी तरह का मामला जंगीपुर कस्बे के वार्ड नंबर तीन निहालनगर का है। मुहल्ला की रहने वाली रीना गुप्ता पेशे से स्टाफ नर्स हैं, जो वर्तमान समय में आजमगढ़ जिले के चक्रपानपुर में तैनात हैं।
रीना गुप्ता ने मोबाइल पर किसी कंपनी से 21 जून को ऑनलाइन साड़ी बुक कराई थी, लेकिन कंपनी द्वारा फ्राड करते हुए साड़ी की जगह सूट भेज दिया गया है। इस पर रीना गुप्ता की बेटी नंदनी गुप्ता ने कंपनी में फोन करके साड़ी की जगह सूट भेजे जाने की शिकायत की। इस पर कंपनी वालों ने कहा कि आप अपना कोई एकाउंट नंबर दीजिए, तभी हम आपके एकाउन्ट में पैसा ट्रांसफर करेंगे। इस पर नंदनी ने जीरो बैलेंस वाला अपना एकाउंट नंबर दिया। लेकिन कंपनी वालों ने कहा कि हम पैसा उसी एकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं जिसमें की बैलेंस हो। कंपनी वालों के इस बात पर नंदनी को कुछ शक हुआ उसने इस बारे में अपने छोटे भाई को बताया। नंदनी के छोटे भाई राज गुप्ता ने कंपनी वालों से बात की, तो कंपनी के लोगों द्वारा राज के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा और कहा कि इस मैसेज पर एकाउंट नंबर सेंड करा। राज ने अपनी नोयडा कोटेक बैंक का खाता दिया। लेकिन राज ने एक गलती कर दी कि जिस बैंक एकाउंट में उसका मोबाइल नंबर दर्ज था वही मोबाइल नंबर उसके माँ रीना गुप्ता के बैंक एकाउंट में दर्ज है। जिसका फायदा उठाते हुए फ्राड करने वालों ने रीना गुप्ता के एसबीआई खाते से 70 हजार रुपये उड़ा लिए जब इसका मैसेज रीना गुप्ता के मोबाइल पर गया तो रीना गुप्ता के पैरों तले जमीन खिसक गई। रीना गुप्ता ने तत्काल इसकी सूचना अपने परिवार के लोगों को दी उसके बाद परिवार के लोग थाने में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंच गए। थाने की पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं लिखा गया। थक हार कर रीना गुप्ता ने इसकी शिकायत एसपी गाजीपुर और साइबर क्राइम सेल से की। इसके बाद किसी तरह सोमवार के दिन जंगीपुर थाने में गुजरात की कंपनी के द्वारा एफआईआर दर्ज किया गया। इस संबंध में रीना गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री सहित एसबीआई बैंक को पत्रक मेल कर दिया गया है।