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ठंड के पलटवार से ठिठुरा जनजीवन

Fri, 09 Jan 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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सर्दी घटने के बजाए बढ़ती ही जा रही है। पता नहीं ऊपर वाले का कब करम होगा और कड़ाके की ठंड से राहत मिलेगी। ठंड के पलटवार ने तो आह ही निकाल दी है। कुछ इसी तरह बातें शुक्रवार को बर्फीली हवाओं के बीच कांपते हुए लोग करते रहे। दोपहर तक बदली छाई रही। इसके बाद शाम तक तक धूप-छांव का खेल चलता रहा। गलन का प्रभाव इतना अधिक था कि अगर कुछ देर के लिए धूप निकल भी रही थी तो उसका प्रभाव शून्य था। लोगों का पूरा दिन ठिठुरते हुए बीता।
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पिछले तीन सप्ताह से ठंड जिस तरह का कहर बरपा रही है, उससे जिले के लोगों को पहाड़ों की ठंड याद आने लगी है। एक सप्ताह पहले मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया और इस दौरान लगातार तीन दिनों तक रुक-रुककर तेज और हल्की बारिश से एक तरफ जहां आम जन-जीवन व्यस्त हो गया, वहीं ठंड में भी जबरदस्त इजाफा हो गया।

 गुरुवार को सुबह कोहरे का जबरदस्त प्रभाव बना। हालांकि दिन में 10 बजे तीखी धूप खिलते ही ठंड से बेहाल लोगों के चेहरे की रौनक भी बढ़ गई। हर कोई धूप सेकने में जुट गया। पूरे दिन धूप प्रभाव बना रहा, लेकिन देर शाम करीब 6 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और बर्फीली हवा चलने लगी। इसकी वजह से गलन में काफी वृद्धि हो गई। बाहर की कौन कहे, कमरों के अंदर भी गलन एक पल के लिए लोगों के तन से जुटा नहीं पा रही है। इससे राहत के लिए लोगों ने अलाव का सहारा है। हालांकि कोहरा नहीं गिरा। शुक्रवार को बदली छाई रही।
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दिन में 12 बजे के करीब धूप निकलते लोग इस बीत से प्रसन्न हो गए कि अब ठंड से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन धूप का दर्शन दो से चार मिनट तक ही हो रहा था। पूरे दिन धूप-छाव का खेल चलता रहा है। इस दौरान चल रही बर्फीली हवा से हर कोई कांप गया। मार्गों पर आवागमन कर रहे लोग ठिठुरते रहे। घर से बाहर वहीं लोग निकले, जिनकी कुछ मजबूरी थी। शाम होते ही ठंड में और इजाफा हो गया।

ठंड से महिला समेत दो की मौत- जिले में ठंड से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ठंड लगने से एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई।
रेवतीपुर थाना क्षेत्र के चैन पट्टी निवासी जयप्रकाश राजभर (30 ) गुरुवार की रात खेत से घर लौटने के बाद खाना खाकर सो गया। शुक्रवार की सुबह जब समय से वह नहीं जला तो परिवार को उसे जगाने के लिए उसके पास पहुंचे। लोग उसे जगाने लगे, लेकिन वह नहीं जगा।


लोग आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों ने आशंका जताई है कि ठंड लगने से उसकी मौत हुई। उधर बिरनो क्षेत्र के बंतरा गांव निवासी मुरारी राजभर की पत्नी चम्पा देवी (45) गुरुवार की देर शाम काम कर गन्ना के खेत से घर लौटी। इसी दौरान ठंड लगने से उसकी हालत बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द होने लगा। अभी परिवार के लोग उसे चिकित्सक के पास ले जाने की सोच रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया।
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