गाजीपुर। कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई जा रही है, लेकिन रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटीन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वे खुलेआम बाजार में घूम रहे हैं, जिससे कोरोना संक्रमण के फैलाव का खतरा मंडराता दिख रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग जरा भी ठोक कदम उठाता नहीं दिख रहा है। कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले संदिग्धों की जांच स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंटीजन किट, ट्रूनैट एवं आरटीपीसीआर द्वारा की जा रही है। एंटीजन किट से हो रही जांच की रिपोर्ट तो तत्काल मिल जा रही है। जबकि ट्रूनैट से सिर्फ उन्हीं संदिग्धों की जांच कराई जा रही है जो जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जबकि आरटीपीसीआर जांच के दौरान संदिग्धों का स्वैब एकत्र करके बीएचयू भेजा जा रहा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो रोजाना आरटीपीसीआर से 15 से 20 संदिग्धों की जांच की जा रही है। अब तक चार हजार 907 संदिग्धों की रिपोर्ट लंबे समय से पेंडिंग है। बीएचयू से रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से ऊपर लग जा रहा है। ऐसे में ये संदिग्ध घर में क्वारंटीन रहने के बजाए खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे संक्रमण के फैलाव का खतरा मंडराता दिख रहा है।