गाजीपुर। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण यूपी के निर्देश पर मिड डे मिल पकाने वाले रसोइयों को पोषण नामक लघु फिल्म दिखाई जाएगी। ये फिल्म बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए यूनिसेफ की देखरेख में तैयार की गई है। फिल्म के माध्यम से रसोइयों को प्रशिक्षण देने की मंशा है कि उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता आदि के बारे में जानकारी प्रदान किया जाए ताकि बच्चों को शुद्ध एवं पोषणयुक्त भोजन मुहैया कराया जा सके। जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय के साथ ही 242 समाज कल्याण विद्यालय, वित्त पोषित जूनियर हाईस्कूल, वित्त पोषित इंटर काॅलेज, मदरसा सहित कुल 2508 विद्यालयों में योजना के तहत मध्याह्न भोजन बनता है। इसके लिए 6932 रसोइया तैनात हैं। इनको चरणबद्ध तरीके से विद्यालय स्तर लघु फिल्म को दिखाकर मध्याह्न भोजन को स्वास्थ्य एवं पोषण के तहत बनवाने की जानकारी दी जाएगी। नवीन पोषण नामक लघु फिल्म प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।
काम की बातें : प्रशिक्षण के बाद रसोइयों का ध्यान विभिन्न नियमों और निर्देशों पर आकृष्ट कराया जाना है। इसमें भोजन पकाने से पहले गैस स्टोव, बर्नर एवं रेग्युलेटर की जांच की जाए। भोजन पकाने में एलपीजी का प्रयोग हो। किचन में खाना पकाने से पहले सुनिश्चित किया जाए कि वहां चूहा, कीड़े, छिपकली एवं मक्खी आदि न हों। भोजन को ढककर ही पकाया जाए तथा पका हुआ भोजन ढककर रखा जाए। खाद्य सामग्री में आयोडीन युक्त नमक, सील बंद तेल, मसाले का ही प्रयोग किया जाए। निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन बनाया जाए। रोटी कच्ची एवं जली हुई न हो।
प्राधिकरण के निदेशक ने दो सप्ताह के अंदर प्रभावी कदम उठाते हुए रसोइयों को प्रशिक्षित कराने का निर्देश दिया है।- हेमंत राव, बेसिक शिक्षा अधिकारी