जिला रसोइया संघ ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग के महुआबाग स्थित कार्यालय पर धरना दिया। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि महिला रसोइयों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। महिलाएं उनके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि रसोइयों का महीनों का मानदेय बकाया है। मानदेय के अभाव में महिला रसोइयों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। उन्होंने अवैध ढंग से निष्कासित रसोइयों की बहाली, मानदेय छह हजार प्रतिमाह तथा बकाए मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की। संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रसोइयों की प्रति वर्ष नियुक्ति आदि के नाम पर शोषण किया जा रहा है।
संघ की महिलाएं अपनी 15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री को पत्रक देकर समस्या के समाधान की मांग करेंगी। महासचिव ललिता देवी ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो महिलाएं अब खामोश बैठने वाले नहीं हैं। इससे पहले संघ की महिलाएं सिटी रेलवे स्टेशन से जुलूस की शक्ल में पहुंची। सभा में आशा, सावित्री, मीरा, दमयंती, सुमित्रा, अतवारी, बब्बन यादव, प्रभावती, उमरावती, रमेश राम, मंजू, संजू, कौशल्या, पूनम, कमली, निर्मला, रेखा, परवीन एवं नजमा ने विचार व्यक्त किया। संचालन मुन्नी खातून ने किया।