एक साल से बकाया मानदेय का भुगतान करने, निष्कासित रसोइयों को काम पर रखने आदि मांगों को लेकर जिलेभर से जुटी बड़ी संख्या में रसोइयों ने शुक्रवार को महुआबाग स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया।
इस दौरान प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाने वाली महिलाओं ने बेसिक शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही सभा कर आवाज बुलंद की।
रसोइयों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। पूर्व निधारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को जिलेभर की रसोइया सुबह सिटी स्टेशन पर एकत्रित हुईं।
यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करतीं हुईं बीएसए कार्यालय पहुंचीं। रसोइयों के तल्ख तेवा देखकर कार्यालय के कर्मचारी कार्यालय छोड़कर इधर-उधर भागने लगे।
इस दौरान हुई सभा में पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा विभाग रसोइयों की परीक्षा न लें। अगर महिलाओं का सब्र टूटा तो उनका उत्पीड़न करने वाले अधिकारी चैन से नहीं रहेंगे।
कहा कि रसोइयों को एक हजार रुपये मानदेय मिलता है। इतनी कम मजदूरी कहीं नहीं है। उन्होंने रसोइयों का मानदेय छह हजार करने की मांग की। कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई जाएगी।
रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रसोइयों की प्रति वर्ष नियुक्ति करना ठीक नहीं है। एमडीएम प्रभारी के खिलाफ दर्ज कराए गए केस में यदि लीपापोती की गई तो सीओ सिटी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
रसोइया संघ की महासचिव ललित देवी ने कहा कि यदि महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो महिलाएं निर्णायक लड़ाई के लिए मजबूर होंगी।
आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर दर्ज हुए केस में फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी की जा रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि ऐसा हुआ तो वह आत्मदाह करेंगी ।
सभा को आशा, सावित्री, मीरा, दमयंती, सुमित्रा, अतवारी, कौशल्या, पूनम, कमली, निर्मला, उमरावती, रेखा, परवीन, मुन्नी खातून, नजमा ने संबोधित किया।