गाजीपुर जिले के एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी भरत लाल ने भांजे को नाबालिग भाई बताकर उसके इलाज के नाम पर 70 हजार रुपये का गबन किया। उसने उप निरीक्षक संत सरन सिंह के साथ मिलीभगत कर इस धांधली को अंजाम दिया।
मामले का खुलासा होने पर चालान से कोषागार में पूरे रुपये जमा करा लिए गए हैं। उच्चाधिकारियों ने दोनों को निलंबित कर दिया है। सीओ सदर ने दोनों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
तहरीर के मुताबिक एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी भरत लाल ने उप निरीक्षक संत सरन सिंह (प्रधान लिपिक) के साथ मिलीभगत कर अपने भांजे आयुष यादव को पिता द्वारा गोद लिए गए पुत्र के रूप में प्रदर्शित किया। उसे अपना नाबालिग भाई दिखाते हुए उसके कैंसर के इलाज के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति सेवक चिकित्सा परिचर्या (प्रथम संशोधन नियमावली 2014) के अंतर्गत प्रस्तुत किया।