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Ghazipur News: फर्जीवाड़े की शिकायत, तबादले के बाद भी सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो रहे जन्म प्रमाणपत्र

Wed, 07 May 2025 01:09 AM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

तबादले के बाद सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर से जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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मरदह स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र में जन्म प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। एक वर्ष पूर्व सचिव का स्थानांतरण होने के बाद भी उनके डिजिटल हस्ताक्षर से लगातार जन्म प्रमाणपत्र जारी हो रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब बीते 15 अप्रैल को जारी जन्म प्रमाणपत्र को लाभार्थी ने पकड़ लिया। सबसे बड़ी बात यह है कि मामला प्रकाश में आने के बाद भी जिम्मेदार जांच और जल्द कार्रवाई का दावा कर पल्ला झाड़ रहे हैं।

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प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में ही बीते दिनों घूस लेते हुए एडीओ पंचायत को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। अभी यह मामला चर्चा में ही था कि डांड़ी कला गांव में फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अदिति यादव पुत्री शशिकला यादव पत्नी प्रशांत कुमार यादव के नाम से बीते 15 अप्रैल को जन्म प्रमाण पत्र जारी हुआ है।

इस पर डिजिटल सिग्नेचर गत 21 फरवरी 2024 तक विकास खंड के डांड़ीकला और बौरी ग्राम पंचायत में सचिव और प्रभारी एडीओ पंचायत पद पर तैनात रहे नवीन कुमार सिंह का है। इनका स्थानांतरण बाराचवर ब्लाॅक में हो गया। इसके बाद वहां से विगत 30 जून 2024 को बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ ब्लाॅक में हो गया था।
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इसके बाद भी उन्हीं के डिजिटल हस्ताक्षर से लगातार जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। प्रमाणपत्र बनवाने वाले लाभार्थी ने जब जन्म प्रमाण में संशोधन के लिए सचिव को फोन लगाया तो सूत्रों के मुताबिक नवीन कुमार सिंह के जाने के बाद भी उन्हीं की आईडी, पासवर्ड और डिजिटल सिग्नेचर से करीब एक वर्ष से प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं।

पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि खंड विकास अधिकारी बाराबंकी के माध्यम से गाजीपुर जिले के खंड विकास अधिकारी मरदह को लिखित शिकायत पत्र रजिस्टरी के माध्यम से अवगत कराया जो कि 30 अप्रैल को उनके कार्यालय पर रिसीव हो चुका है।

इसके साथ ही मोबाइल से भी आईडी, पासवर्ड और सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल होने की जानकारी ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों को दे दी है। खंड विकास अधिकारी कौस्तुभमणि पाठक ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आया है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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