आश्रय गृहों के निरीक्षण के लिए बनी समिति ने मंगलवार को राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का निरीक्षण किया। इस दौरान राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी में अधिकारी और कर्मचारी कार्य करते मिले। आवासित किशोर भी उपस्थित मिले।
राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) को निर्देशित किया गया कि विचाराधीन एवं दोष सिद्ध बंदियों के लिए अलग-अलग बैरक की व्यवस्था सुनिश्चित करें। शौचालय में सफाई, साबुन, हैंडवाश, मच्छरों के लिए छिड़काव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसी भी बालक ने उत्पीड़न की शिकायत नहीं की। इसी प्रकार समिति गोरा बाजार स्थित जिला अस्पताल में वन स्टाप सेंटर का निरीक्षण किया। जहां पंजिका के अनुसार कर्मचारी कार्यरत मिले और वन स्टाप सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षाकर्मी/होमगार्ड उपस्थित थे। वहीं, वहां के मुख्य द्वार, परामर्श कक्ष, हाल, बाथरूम एवं शौचालय में सफाई की उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। पंडित भोलानाथ मिश्र, बालगृह (बालक) बड़गांव, मखदूपुर, सैदपुर के अधीक्षक रामप्रवेश मिश्र उपस्थित मिले और कुल 11 कर्मचारी कार्यरत है। संस्था में आवासित बालकों की संख्या उपस्थिति पंजिका दिनांक 21 के अनुसार उपस्थित रहे। समिति ने बालगृह (बालक) के अधीक्षक को गुणवत्तापूर्ण भोजन, सीसीटीवी कैमरों को चेक करने, दवा की उपलब्धता रहे और सैनिटाइजेशन के बारे में जानकारी ली।
समिति ने कहा कि प्रत्येक दशा में मास्क का प्रयोग होना चाहिए। प्रत्येक कमरे में अंगीठी, हीटर व अलाव और सफाई की व्यवस्था की जाए।
निरीक्षण में समिति के अध्यक्ष विष्णु चन्द्र वैश्य, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो न्यायालय, सदस्या कामायनी दूबे, पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और विनायक सोमवंशी, नवसृजित न्यायालय अपर सिविल जज (जूडि) चतुर्थ रहे।