मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने राज्य पोषण मिशन योजना के तहत औड़िहार गांव को गोद लिया है। शानिवार को गांव के निरीक्षण कार्यक्रम में उन्होंने मिशन के विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। गांव में 17 बच्चों के अतिकुपोषित श्रेणी में पाए जाने पर चिंता व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को बच्चों की देखभाल एवं पोषक तत्वों की भरपाई करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि अगले कार्यक्रम तक अतिकुपोषित पाए गए सभी बच्चे कुपोषण की रेखा से बाहर निकल जाने चाहिए।
कहा कि आगनबाड़ी केंद्रों पर अनुपूरक पोषाहार, टीकाकरण स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा स्कूल एवं पूर्ण शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने खान-पान में हरी सब्जी और दूध के उपयोग के साथ विभिन्न स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी और 102 तथा 108 नंबर की एंबुलेंस सेवा का आम जन को प्रयोग करने पर बल दिया। आयुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मिशन के पात्रों के राशन कार्ड बना लिए जाए। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने कहा कि संतुलित आहार बच्चे एवं गर्भवती मां को कुपोषण से बचाता है। जागरूकता के माध्यम से शिशु मृत्यु दर एवं प्रसूता महिलाओं के मृत्यु दर पर नियंत्रण किया जा सकता है।
सीडीओ अरविंद पांडेय ने तीन अगस्त से आरंभ होने वाली हौसला पोषण मिशन योजना की जानकारी दी। सीडीपीओ नीलम दूबे ने स्थानीय केंद्र के विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम अधिकारी आरती सिंह ने जनपद का आकड़ा प्रस्तुत किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं से मंडलायुक्त को अवगत कराया। इस क्रम में गांव के राजेश गुप्ता ने अपने साढ़े तीन वर्षीय कैंसर पीड़ित बच्चे सुधांशु के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डा. धर्मात्मा त्रिपाठी से इन क्रम में अपेक्षित आवश्यकताओं को शीघ्र पूर्ण कर डीएम और स्वयं को प्राथमिकता से अवगत कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर एसडीएम एसपी श्रीवास्तव, बीडीओ संजय पांडेय, नायब तहसीलदार नूपुर सिंह एवं ग्राम प्रधान दीपमाला सिंह सहित सैकडो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।