जिला कारागार में बंदियों को मानसिक अवसाद से उबारने के लिए जिला कारागार में शुक्रवार को हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें निरुद्ध कैदियों ने कवियों की कविताओं को सुनकर ठहाके लगाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा सचिव कामायनी दुबे एवं कारागार अधीक्षक हरिओम शर्मा द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कवि हेमंत निर्भीक ने देशभक्ति की कविता तिरंगे में लिपटकर देख तेरा लाल आया है, जिसे नालायक कहती थी, वतन के काम आया है। जैसी कई कविताओं से बंदियों में देशभक्ति का जज्बा पैदा किया। उन्होंने महाराणा प्रताप और वीर अब्दुल हमीद शीर्षक से आधारित देश भक्ति की कविता सुनाकर मंच को ऊंचाई प्रदान की।
प्रसिद्ध हास्य कवि फजीहत गहमरी के माइक पर आते ही जोरदार तालियां बजने लगी। फजीहत गहमरी ने पाकिस्तान पर चुटकी लेते हुए कहा ‘इस तरह ताव खाने से क्या फायदा हाय तौबा मचाने से क्या फायदा, जिसकी पैदाइशी पूंछ कुत्ते सी होए तेल कितनों लगाने से क्या फायदा’ पर खूब तालियां बजी। डिप्टी जेलर आरएस यादव ने आत्मा और परमात्मा को दर्शाते हुए बहुत ही प्यारा गीत पढ़ा। धर्मेंद्र मास्टर साहब ने जीवन संघर्ष को दर्शाते हुए अपनी खूबसूरत रचना लोगों को सुनाकर वाहवाही लूटी। संचालन कर रहे कवि मिथिलेश गहमरी ने कई कविताओं से काफी देर तक शमां बंधा। इस अवसर पर जेलर राकेश कुमार वर्मा, उपकारापाल रविंद्र सिंह यादव, कमल चंद, सुखवती देवी आदि उपस्थित रहे।