ठंड से निजात पाने के लिए अलाव तापते लोग।
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गाजीपुर। जिले में बर्फीली हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। लोग दिनभर ठिठुरते रहे। न्यूनतम तापमान छह डिग्री होने के चलते अधिक ठंड रही। ऐेसे में बृहस्पतिवार अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। हाड़ कंपा देने वाली ठंड को देखते हुए भी जिले में अलाव जलाने की जहमत नहीं उठाई गई। लोग अपने-अपने स्तर से अलाव का जुगाड़ कर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते रहे। पिछले चार दिनों से एकाएक ठंड और गलन में इजाफा हुआ है। तापमान दिनों-दिन घटता जा रहा है। गलन ने बुजुर्ग और बच्चों को परेशान कर रखा है। औड़िहार : गलन भरी ठंड के चलते पूरे दिन लोग कांपते नजर आए। चट्टी-चौराहों पर लोग अलाव के पास दुबके रहे, तो रोजमर्रा की यात्रा करने वाले लोग ट्रेन और बसों के इंतजार के वक्त चाय की भट्ठियों पर हाथ सेंकते देखे गए। पूरे दिन धुंध और कुहासे के चलते धूप नहीं निकली। पिछले दो दिनों से राम तवाक्का घाट स्थित श्मशान पर दाह संस्कार करने आए लोग भी ठंड के कारण चिता के सन्निकट खड़े होकर सर्दी से बचाव कर रहे थे। दाह संस्कार कर्मी राजन ने बताया कि आम दिनों में जहां पांच से छह शवों का प्रतिदिन दाह संस्कार होता था। इस समय 10 से 15 शवों का दाह संस्कार हो रहा है। कासिमाबाद : इन दिनों चौक पर केवल अलाव जल रहा है। जबकि तहसील त्रिमूहानी, पुरानी बाजार, कुतुबपुर चट्टी के साथ गंगौली, अलावलपुर, वेदबिहारी पोखरा, महेशपुर, सलामतपुर, सिधागरघाट, परजीपाह जैसी बड़ी चट्टीयों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
सिधागरघाट : पाली चट्टी पर सामाजिक कार्यकताओं ने अलाव जलवाया। पूरा दिन गलन और ठंड से आने- जाने वाले राहगीरों के लिए यह एक सहारा बना। इस पुनीत कार्य में अनिल पांडेय, आदित्य शर्मा, पप्पू अहमद, चंदन शर्मा, पवन गौड आदि भागीदार बने।