सीओ सिटी ने साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट को लेकर विस्तार बाते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं है। पुलिस इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं करती है और न ही किसी को फोन या वीडियो कॉल करती है। उन्होंने छात्राओं को समझाते हुए अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरुक करने को कहा।
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम से बचने का जागरूकता जरूरी है, क्योंकि अपराध का स्वरूप बदल रहा है। साइबर क्राइम की घटनाएं रोज नए-नए तरीके से हो रही हैँ। हालांकि इसपर पुलिस काम कर रही है, जिससे इस तरह के अपराध में कमी आई है। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया का कैसे सुरक्षित उपयोग करें को भी विस्तार से बताया। साथ ही एआई से हो रहे अपराध को भी बताते हुए उससे बचने के तरीके भी बतलाए।
इस दौरान पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के भी लाभ के बारे में बताया। इस दौरान छात्राओं से उन्होंने संवाद भी किया। अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या रागिनी श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।