ओपीडी का आंकड़ा कम और टीबी मरीजों का शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग न होने पर सीएमओ 278 सीएचओ का वेतन रोक दिया है। आरोग्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीजों को प्रणायाम और योगा तो दूर मरीजों जांच तक की सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए करीब 284 आरोग्य केंद्र स्थापित कराया था। इसके संचालन के लिए 278 सीएचओ तैनात किए गए हैं, जिससे वहां के मरीजों को उपचार के लिए निजी चिकित्सकों के पास नहीं जाना पड़ेगा। सबसे बड़ी बात है कि इन कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को प्रतिमाह न्यूनतम 35 हजार की दर वेतन भी दिया जाता है, लेकिन काम के मामले में इनके आंकड़े लक्ष्य से काफी कम है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन ओपीडी में 25 मरीजों को देखने के साथ पांच गंभीर मरीजों को टेली मेडिसिन के तहत डॉक्टरों से परामर्श दिलाकर उपचार करना है।