विधायक और उनके समर्थकों ने इस मामले केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हंगामा किया। विधायक मांग पूरी कराने के लिए धरने पर बैठ गए। सूचना पर सीओ रवींद्र वर्मा, करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष जीतेंद्र कुमार और कई थानों की पुलिस पहुंच गई। मामले में विधायक ने 15 नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह और मुंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे पक्ष के लोगों ने भी विधायक और उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी। इसमें ओमप्रकाश राजभर, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा में शामिल लोगों पर अभद्रता करने और चारागाह की जमीन पर जानवर नहीं चराने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने विधायक राजभर और 15 अन्य पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इधर, घटना की जानकारी होने पर सपा के जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव, बलिया के सपा फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव, सुभासपा के बेल्थरारोड विधायक हंसू राम, रसड़ा विधानसभा से सुभासपा के प्रत्याशी महेंद्र चौहान, पूर्व एमएलसी काशीनाथ यादव, भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के प्रतिनिधि अमन सिंह और तमाम नेता-कार्यकर्ता वहां पहुंच गए।
सीओ रवींद्र वर्मा का कहना है कि विधायक ओमप्रकाश राजभर अपने क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान वह पहदरिया गांव में पहुंचे थे। वहां कुछ लोगों से नोकझोंक हो गई। ओमप्रकाश राजभर की ओर से केस दर्ज कराया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।