गाजीपुर। आंगनबाड़ी भर्ती में अभी और कार्रवाई हो सकती है। डीएम ने सीडीओ के स्टेनो के बाद अब डीपीओ के पटल सहायक और करीबी बाबू को भी जांच के दायरे में ले लिया है।
इसके लिए उनसे स्पष्टीकरण लिया गया है। कार्रवाई के बीच यह बात भी सामने आई है कि अभी और चयनित आंगनबाड़ी की नियुक्ति में दी गईं सूचनाएं फर्जी हैं। फिलहाल, जो-जो शिकायतें आ रहीं हैं, उनकी जांच भी कराई जा रही है।
जनपद में आंगनबाड़ी के 290 पदों के सापेक्ष 286 पर भी भर्ती हो पाई है। इनमें भी चयनित अभ्यर्थियों में सीडीओ के स्टेनो की बेटी, जवान, पुुलिस, कोटेदार, शिक्षक और ग्राम प्रधान तक का नाम शामिल था, जिन्होंने फर्जी तरीके से बीपीएल श्रेणी का आय प्रमाणपत्र बनवाकर आवेदन किया था।
हालांकि अब तक 14 लोगों की नियुक्ति रद्द भी की गई है। इन पदों पर नए सिरे से भर्ती करने का निर्णय लिया गया है।
मामले में 10 लेखपालों को निलंबित भी किया गया है। डीएम ने सीडीओ के स्टेनो से भी प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगा, जिन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए अपना स्पष्टीकरण दिया है।
अब डीपीओ के पटल सहायक अतुल सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम जमानिया ज्योति चौरसिया के पास से डीपीओ का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। शक है कि भर्ती में अपनाई गई प्रक्रियाओं की जानकारी भी लीक की गई हैं, जिसके बाद बिचौलिया सक्रिय हुए और इसका लाभ कई लोगों को पहुंचा दिया गया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो कुछ प्रकरण की अभी भी जांच चल रही है। इस सिलसिले में कुछ को तलब भी किया गया था।
डीएम आर्यका अखौरी ने बताया कि मामले में किसी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। डीपीओ के पटल सहायक अतुल सिंह का भी स्पष्टीकरण लिया गया है।