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Ghazipur News: रोग नियंत्रण के दावे, कूड़े के ढेर दे रहे जवाब

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शहर के प्रकाश टाकीज में लगा कूड़े का ढेर-संवाद
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गाजीपुर। करीब एक सप्ताह पहले एक अप्रैल से जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसके तहत साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन नगर में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग का दावा किया जा रहा है, लेकिन शहर में जगह-जगह खुले में कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे नगर पालिका के डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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शहर के तड़बनवा के ऋतुराज गोस्वामी, मुगलानी चक के राजेश कुमार आदि का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान को शुरू हुए छह दिन हो चुके हैं, लेकिन एक दिन भी नगर में एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं किया गया है। साथ ही फॉगिंग कराने की भी जरूरत नहीं समझी जा रही है।
अभियान के तहत शहर में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। नगर के प्रमुख मार्गों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर के नाले तक कूड़े से पटे हुए हैं। यहां तक कि कॉलोनियों के खाली प्लॉट भी कूड़ाघर बन गए हैं। इसके कारण लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा सता रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग न होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और लोगों की रातों की नींद हराम हो गई है।
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सफाई पर हर महीने खर्च होते हैं 50 लाख

गाजीपुर। शहर में 25 वार्ड हैं, जिनमें लगभग पौने दो लाख की आबादी निवास करती है। इन वार्डों में साफ-सफाई के नाम पर नगर पालिका प्रशासन हर महीने करीब 50 लाख रुपये खर्च करता है। शहर से प्रतिदिन लगभग 42 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। नगर पालिका का दावा है कि वार्डवार फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव पर हर महीने करीब 90 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। शहर की सफाई के लिए करीब 390 सफाईकर्मी तैनात हैं, जिनमें 80 स्थायी, 60 संविदा और लगभग 250 आउटसोर्सिंग कर्मी शामिल हैं। कूड़ा उठान के लिए 17 टेंपो, 12 ट्रैक्टर, 8 मैजिक, एक डंपर, दो हाइवा और दो कंपैक्टर लगाए गए हैं। संवाद

नगर के प्रकाश टॉकीज तिराहे पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिससे आसपास के लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति लगभग रोज की बनी हुई है, जबकि यह नगर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है।

शहर की विभिन्न कॉलोनियों के खाली प्लॉटों में कूड़ा पसरा हुआ है। आम दिनों की बात छोड़िए, वर्तमान में चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान भी इसे हटाने की जहमत नहीं उठाई जा रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत रोस्टर के अनुसार नगर में एंटी लार्वा का छिड़काव व फागिंग कराई जा रही है। साथ ही समय से कूड़े का उठान भी हो रहा है। - डीके राय, ईओ नगर पालिका
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