गाजीपुर। इन दिनों जिले से होकर बड़े तथा भारी वाहन नहीं गुजर पा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रमुख मार्गो पर पड़ने वाली कई पुलिया टूटी हुई है। जिले में गंगा या अन्य नदियों पर बनाए गए पुल पर भी आवागमन सामान्य नहीं है। कहीं एंगल लगाकर, तो कहीं हाइटगेज बैरियर लगाकर वाहनों पर रोक लगाई गई है। गाजीपुर-बलिया-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, गाजीपुर- मुहम्मदाबाद मार्ग के कठवामोड़ के पास बेसो नदी पर बनी पुलिया के पास, लावा-जंगीपुर मार्ग की पुलिया और कासिमाबाद- भड़सर मार्ग पर भी बैरियर लगाकर भारी वाहनों को रोका गया है। उधर गंगा नदी पर बनाए गए बिहार को जोडने वाला हमीद सेतु भी ग्यारह माह से बंद है। फिलहाल इसकी मरम्मत की जा रही है। हालत यह है कि भारी माल वाहकों को छोटी दूरी तय करने के लिए भी काफी घूम कर आना पड़ रहा है।
जंगीपुर संवाददाता के अनुसार यहां से कासिमाबाद की दूरी करीब बीस किलोमीटर है। मार्ग पर लावा के पास एक छोटी पुलिया है, जो कमजोर हो गई है। इस पर दबाव कम करने के लिए एंगल लगाकर बसों तथा ट्रकों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब मार्ग पर बसें बंद हो जाने का खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ता है। लोगों को साधन की सबसे बड़ी दिक्कत हो गई है। छोटे वाहन मनमाना भाड़ा वसूलते हैं। इसी प्रकार भड़सर से कासिमाबाद की सड़क करीब बीस किलोमीटर है। इस पर सुल्तानपुर के पास एक बैरियर लगा दिया गया है। इस मार्ग के बंद हो जाने से अब भारी माल वाहकों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। सुहवल संवाददाता के अनुसार गंगा पर बनाया गया हमीद सेतु भी करीब ग्यारह माह से बंद है। इसके चलते बारा, गहमर जमानिया, दिलदारनगर होते हुए बिहार की ओर जाने के लिए बस. ट्रक माल वाहक पूरी तरह से प्रतिबंधित हो गए हैं। हालांकि इस पुल की मरम्मत का काम चल रहा है लेकिन यह भारी वाहनों के लिए खोला जाएगा कि नहीं यह बाद में ही तय होगा। इसी प्रकार जिला मुख्यालय से मुहम्मदाबाद जाने वाले मार्ग पर कठवामोड़ पर बेसो नदी पर बना पुल करीब एक वर्ष से बंद है। भारी तथा बड़े वाहनों के लिए नीचे से एक वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था। बाद में आई बाढ़ का पानी इस सड़क पर आ गया उसके बाद से ही इस मार्ग को भी बंद कर दिया गया। कठवामोड़ से दो मार्ग हो जाते हैं। एक सड़क सीधा मुहम्मदाबाद होते हुए बलिया तथा बिहार की ओर तथा दूसरा मार्ग कासिमाबाद, रसड़ा की ओर चला जाता है। इस मार्ग के बंद हो जाने का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। इस समय हालत यह है कि बलिया की ओर जाने वाले बड़े तथा भारी वाहनों को गाजीपुर से पहले मऊ, फिर वहां से बलिया जाना पड़ रहा है। इससे दूरी करीब 40 किलोमीटर बढ़ जा रहा है।