गाजीपुर। जनपद में कई लोग ऑनलाइन वाहन खरीद के खेल में फंसकर लाखों गंवा चुके हैं। हाल में एक ऐसा ही मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के चंदाबाग मोहल्ला निवासी एक वाहन स्वामी के साथ घटित हुआ है। वह ऑनलाइन पुराना ट्रैक्टर खरीदने के चक्कर में एक लाख 68 रुपये गंवा चुके हैं। वाहन की ऑनलाइन खरीद के बाद जब कई दिनों तक ट्रैक्टर उनके पास नहीं पहुंचा तो पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की गुहार की है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
शहर के चंदाबाग सट्टी मस्जिद निवासी साबीर खान ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पुराने वाहनों की खरीद के लिए बनाई गई एक वेबसाइट के जरिए लोगों से ठगी की जा रही है। उसने इस वेबसाइट पर पुराने ट्रैक्टर को पसंद कर ऑनलाइन पड़ताल की और वाहन पर पड़े नंबर से वाहन स्वामी से बात की। इसके बाद उसका दाम तय हो गया। कम पैसे में अच्छी स्थिति में पुराना ट्रैक्टर मिलने पर साबीर खान लालच में पड़ गए। वाहन स्वामी ने खुद को सीआईएसएफ का जवान बताया। इतना ही उसने सेना की वर्दी में अपनी फोटो तथा आधारकार्ड तक भेजा। यह भी कहा कि मेरा स्थानांतरण अन्यत्र हो गया है। इसलिए मुझे ट्रैक्टर को बेचना है। इस बीच उसने कई बार ट्रैक्टर के विषय में बात की। अंतिम सौदा दो लाख रुपये पर तय हो गया। साबीर ने वाहन स्वामी से प्रक्रिया पूरा कर उसे भेजने को कहा। इस पर कथित सेना के जवान ने उनसे कई किश्तों में पैसे लिए। सबसे पहले ट्रैक्टर होम डिलिवरी के नाम पर 3120 रुपये खाते में डालने को कहा। इसके इश्योरेंस के लिए 1199 रुपये लिए। फिर अलग-अलग तिथियों में 25000 तथा 31000 रुपये एडवांस देने को कहा। कुल मिलाकर एक लाख 68 रुपये ऑनलाइन पेमेंट करा लिया। हफ्तों बीतने के बाद जब ट्रैक्टर नहीं पहुंचा, तो साबीर को शक होने लगा। इसके बाद कथित सेना के जवान ने अपना मोबाइल नंबर स्वीच आफ कर लिया। साबीर को अपनी बेवकूफी का एहसास हुआ और उसने 18 जुलाई को शहर कोतवाली में तहरीर दी। इस संबंध में शहर कोतवाल दिलीप सिंह ने कहा कि इस ममाले की जांच रजदेपुर पुलिस चौकी इंचार्ज को दी गई है। इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।