मौधा/करंडा/मनिहारी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कोई मात्र 21 वर्ष की उम्र में प्रधान पद पर परचम लहराने में कामयाब हुआ है तो किसी को महज एक मत से बाजी मारने का गौरव हासिल हुआ है।
सैदपुर विकासखंड के लूढ़ीपुर गांव सभा से मात्र 21 वर्ष के विवेक यादव ने प्रधान पद पर जीत हासिल किया। जबकि इस सीट पर मजे हुए खिलाड़ी चुनाव लड़ रहे थे लेकिन जनता ने विवेक का ही अपने प्रतिनिधि के रूप में चुनाव किया। विवेक को कुल 453 मत मिले। वह सैदपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख स्व. संतराज यादव के पोते हैं। करंडा ब्लाक क्षेत्र के धरम्मरपुर से रेनु देवी करंडा ब्लाक में आज तक के सर्वाधिक 908 मतों के अंतर से जीती हैं। यह रिकार्ड इससे पहले दीनापुर के रामऔतार सिंह के नाम था। उन्होंने 15 वर्ष पूर्व 730 मतों के अंतर से चुनाव जीता था। सबसे कम दो मतों के अंतर से तुलापट्टी से बंशी जीते हैं। बसंतपटटी में अशोक 155 मत पाकर पांच मतों से निर्वाचित हुए तो कुसुम्हीकला में उमा देवी सबसे अधिक 1839 मत पाकर निर्वाचित हुई हैं। ग्राम सभा बक्सा से मोती यादव और विनोद को बराबर-बराबर 251 मत मिले। इसके बाद सिक्का उछालकर फैसला हुआ जो मोती के पक्ष में गया। मनिहारी विकासखंड के ग्राम पंचायत यूसुफपुर खड़बा के ग्राम प्रधान पद पर जयविक्रम सिंह पूरे ब्लाक में सबसे अधिक 836 मत से निर्वाचित हुए। उनको 1529 मत प्राप्त हुआ। वह पूरे ब्लाक में सबसे कम उम्र 26 वर्ष के ग्राम प्रधान बने हैं। जयविक्रम ने पीजी कॉलेज मलिकपुरा से बीए की डिग्री हासिल की है।