शहर के बड़ीबाग स्थित काशीराम आवास स्थित ट्यूबवेल में खाली पड़ा लिक्विड क्लोरिन का डिब्बा। संवाद
गाजीपुर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से 15 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भी नगर पालिका प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। पेयजल की आपूर्ति में सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ किया जा रहा है।
छह महीने से क्लोरीन डोजर खराब हैं तो एक साल से ओवरहेड टैंकों की सफाई नहीं कराई गई। नगर के 22000 हजार से ज्यादा की आबादी को भगवान भरोसे पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
शहर में आठ ओवरहेड टैंक और 25 से ज्यादा ट्यूबवेल से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। बृहस्पतिवार को पड़ताल की गई तो तमाम लापरवाहियां सामने आईं। सहकारी आमघाट कालोनी, नवापुरा, रविंद्र नाथ टैगोर पार्क, आदर्श बाजार औश्र बड़ी बाग इलाके में लगे करीब पांच ट्यूबवेल ऐसे मिले, जहां क्लोरीन डोजर तीन महीने या उससे ज्यादा समय से खराब हैं। ऐसे में बिना क्लोरीन के पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
पांचों ट्यूबवेल से 15 हजार की आबादी को जलापूर्ति होती है। यहां स्थित ओवरहेड टैंकाें की सफाई करीब एक साल से नहीं कराई गई।
शहर के बड़ीबाग स्थित काशीराम आवास स्थित ट्यूबवेल में खाली पड़ा लिक्विड क्लोरिन का डिब्बा। संवाद