गाजीपुर। नए शिक्षा सत्र में विद्यालय खुले 10 दिन बीत गए हैं लेकिन परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के बस्ते नई पुस्तकों से खाली हैं। नतीजा उन्हें पुरानी पुस्तकों के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को पुस्तकों के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा।
हर बच्चे को शिक्षा मिले, इसके लिए शासन की ओर से तमाम प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। बच्चों को यूनिफॉर्म से लेकर जूता-मोजा, बैग, स्वेटर आदि के लिए जहां 12 सौ रुपये उनके अभिभावक के खाते में भेजे जा रहे हैं, वहीं सभी बच्चों को निशुल्क पुस्तकों के वितरण की व्यवस्था भी की गई है। जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं।
इनमें 1462 प्राथमिक, 350 उच्च प्राथमिक और 454 कंपोजिट स्कूल हैं। इनमें दो लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं का नामांकन है। कक्षा चार से लेकर आठ तक के बच्चों को नए सत्र की शुरुआत में ही किताबें उपलब्ध कराने के लिए जिले को 13 लाख से अधिक किताबें मिल चुकी हैं।
इनका वितरण बच्चों में शुरू हो गया। नए सत्र से कक्षा तीन में एनसीईआरटी आधारित नई किताबें लागू होनी है। कक्षा एक और दो की एनसीईआरटी आधारित किताबें पिछले सत्र से लागू हुई थीं लेकिन इन दोनों कक्षाओं की भी किताबें अब तक नहीं आई हैं।
नए सत्र का आगाज हुए 10 दिन से अधिक हो गए लेकिन कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के हाथ किताबों से खाली हैं। शिक्षकों ने अगली कक्षा में पहुंच चुके बच्चों की किताबें इन बच्चों के लिए मुहैया करा दी है। उनका कहना है कि जैसे ही नई किताबें मिल जाएंगी, वह इन बच्चों को उपलब्ध करा दी जाएगी। ऐसे में बच्चों को तब तक पुरानी किताबों से काम चलाना पड़ेगा।