जिले के परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पहले चरण में 16 से 24 दिसंबर और दूसरे चरण में 17 से 29 फरवरी तक निपुण मूल्यांकन हुआ था। इन स्कूलों के कक्षा एक और दो के बच्चों के पढ़ने, लिखने और अंक गणितीय समझ के योग्य मिलने पर उन्हें निपुण घोषित किया गया है। निपुण घोषित होने वाले बच्चों को संबंधित विद्यालयों में समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।
जिले में 2266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1916 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। 1362 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों का दो चरणों में डीएलएड प्रशिक्षुओं की ओर से निपुण आकलन किया गया था। इसमें से 1100 विद्यालयों को निपुण घोषित किया गया है। निपुण घोषित होने वाले बच्चों को संबंधित विद्यालयों में सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही जो विद्यालय निपुण होंगे, उनके प्रधानाध्यापकों को जिलाधिकारी या सीडीओ की तरफ से प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर मूल्यांकन में सफल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को 31 मार्च से पहले समारोह आयोजित कर प्रशंसा पत्र वितरित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निपुण विद्यालयों को उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है। कहा कि पाठ्य बिंदु, विषय वस्तु एवं शिक्षण योजना के अनुसार स्थानीय सामग्री का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाले और शिक्षण-अधिगम सामग्री बनाने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित किया जाए। छात्र-छात्राओं में सीखने का वातावरण बनाया जाए।