गाजीपुर। जिले में परिषदीय स्कूलों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को बैठने के लिए जल्द ही बाल मैत्री फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। राज्य परियोजना निदेशालय ने परिषदीय स्कूलों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची मांगी थी। इसमें 384 स्कूलों में संचालित इन केंद्रों का चयन किया गया। फर्नीचर के लिए प्रत्येक केंद्र पर 25-25 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले में 4127 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 899 परिषदीय विद्यालयों के परिसर में चल रहे हैं। इन केंद्रों पर प्राइमरी स्तर की बेहतर पढ़ाई के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में जल्द ही चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर मुहैया कराया जाएगा। परिषदीय विद्यालयों में संचालित हो रहे 384 केंद्रों पर जल्द चाइल्ड फ्रेंडली फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। इसमें 300 प्राथमिक और 84 कंपोजिट विद्यालय हैं। शासन स्तर से प्रत्येक केंद्र के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत किया गया है। प्रत्येक केंद्र पर पांच-पांच फर्नीचर का इंतजाम किया जाएगा। बच्चों की सहूलियत के हिसाब से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) की ओर से फर्नीचर का डिजाइन तैयार किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को इस फर्नीचर से सहूलियत होगी। खरीदारी के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।