शहर के प्रकाशनगर स्थित आईटीआई परिसर में फेरे लेते वर-वधू। संवाद
गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन बृहस्पतिवार को प्रकाश नगर स्थित आईटीआई मैदान में किया गया। शादी के लिए दो घंटे से अधिक समय तक जोड़ों को मंडप में बैठना पड़ा। वहीं शादी के बाद भोजन के लिए एकाएक भीड़ उमड़ गई। लोग आपस में धक्कामुक्की करते दिखे। इससे कुछ देर के लिए आपाधापी की स्थिति रही। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए आमंत्रण सुबह 11.30 बजे का दिया गया था। लेकिन, विवाह की रस्में काफी देर से शुरू हुईं। दोपहर 1.42 बजे विवाह की रस्म शुरू होने पर जोड़ों ने राहत की सांस ली। 593 जोड़ों का सामूहिक विवाह विधि-विधान के साथ कराया गया। इसमें दो मुस्लिम जोड़ो का निकाह कराया गया। विवाह के बाद मुख्य अतिथि विधायक जखनिया बेदी राम की ओर से बटन दबाकर वधुओं के खाते में 60 हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित किया। इसके बाद नवदंपतियों को उपहार दिया गया। विधायक ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर बेटा पढ़ता है, तो केवल एक घर सुधरता है, लेकिन बेटी पढ़ लेती है, तो वह दो घरों के साथ पूरे समाज को भी सुधारने का कार्य करती है। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि नव विवाहित जोड़ों ने सात फेरे लेकर एक साथ रहने का जो संकल्प लिया है, उसका आजीवन निर्वहन करें। नगर पालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल ने कहा कि योजनाओं से जुड़कर आप लोग बेटियों को सशक्त बनाने का कार्य करें। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, डीडीओ सुभाषचंद्र सरोज, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, ब्लॉक प्रमुख सीता सिंह, बृजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
नहीं खुला सिंधौरा का ढक्कन-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन में मंडप में जोड़े बैठे थे। विवाह के दौरान सिंदूरदान की रस्म चल रही थी। इसी दौरान सिंधौरा को खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका ढक्कन नहीं खुला। इसके बाद प्लेट में सिंदूर लाया गया। इसके बाद सिंदूरदान की रस्म पूरी हो पाई।
जब मोबाइल की स्क्रीन पर टिकीं निगाहें- कार्यक्रम स्थल पर जोड़े व उनके परिजन निर्धारित समय पर पहुंच गए थे। लेकिन, विवाह की रस्म देर से शुरू हुई। इसलिए समय बिताने के लिए जोड़ों को मोबाइल के स्क्रीन पर रील्स व वीडियो देखते हुए देखा गया। सात वचन लेने के लिए इंतजार लंबा साबित हो रहा था। इसके लिए जोड़ों ने मोबाइल को अपना सहारा बना लिया।
दोबारा हुआ मंत्रोच्चारण-गाजीपुर। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के शादियों के आयोजन के लिए ब्लॉक स्तर पर मंडप बनाए गए थे। मरदह ब्लॉक के मंडप में समय से सिंदूर नहीं पहुंच पाया। इसके बाद सिंदूर मंगाकर सिंदूरदान की रस्म निभाई गई। इसके लिए दोबारा मंत्रोच्चारण हुआ।