डाला छठ की तैयारी में शनिवार को फल और कपड़े की दूकानों पर जमकर बिक्री हुई। बढ़ती मांग के चलते बाजारों में फलों के भाव में तेजी आ गई है। इस पर्व के मद्देनजर शहर, कस्बों तथा ग्रामीण इलाकों के चट्टी-चौराहों पर दर्जनों अस्थाई फलों की दूकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। देर शाम तक महिलाएं तथा युवतियां अपने अभिभावकों के साथ खरीददारी करती रही।
डाला छठ पर्व पर वैसे तो लोग अपने सार्मथ्य के अनुसार तरह-तरह के फल और पकवान चढ़ाते हैं, लेकिन श्रद्धालु कम से कम पांच प्रकार के फलों को जरूरी मानते हैं। शहर के मिश्रबाजार, चीतनाथ, कचहरी, लंका, स्टेशन, नवाबगंज, लालदरवादा, विशेश्वरगंज, रौजा, गोराबाजार, महुआबाग सहित अन्य मुहल्लों में स्थायी तथा अस्थायी फल की दूकानें लगी हैं। पर्व पर कपड़ों की दूकानों पर भी पूरे दिन भीड़ देखने को मिली।
महुआबाग, टाऊनहाल, गोराबाजार, रौजा, लंका आदि हर क्षेत्र में दूकानों पर खरीददारों की भीड़ बनी रही। दूकानों पर सुबह दस बजे से खरीददारों के पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। आलम यह था कि फल और नारियल की कोई भी दूकान ऐसा नजर नहीं आ रही थी, जिस पर दूकानदार ग्राहकों की राह निहार रहा हो। खरीददारी के उत्साह का आलम यह रहा कि किसी दूकान पर एक से लेकर दो दर्जन तो किसी पर दो से लेकर तीन दर्जन तक ग्राहक जमेे रहे। ग्राहकों की भीड़ की वजह से दुकानदार उत्साहित रहे। अधिकतर दुकानदार ग्राहकों को भाव बोलने के बाद छूट भी दे रहे थे।
मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, भदौरा, गहमर, दिलदारनदर, सुहवल, जमानिया, सैदपुर, दुल्लहपुर, नंदगंज, बिरनो, जंगीपुर, मरदह, सादात, भीमापार, शादियाबाद, बहरियाबाद, करंडा, खानपुर, औड़िहार, देवकली, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार छठ की खरीदारी से गुलजार रहे। पर्व का उत्साह लोगों के सिर चढ़कर बोला और महंगाई की पहवाह किए बगैर लोगों ने सामानों की खरीद की।