गाजीपुर। धान खरीद को लेकर बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम अविनाश कुमार ने निर्देश दिया कि सभी केंद्र प्रभारी बैनर में अंकित अपना मोबाइल नंबर खरीद अवधि में चालू रखेंगे। केंद्र प्रभारी की ओर से क्रय केंद्र पर सुबह नौ से दस बजे तक ई-पॉप मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज किया जाएगा। सभी केंद्रों पर किसान संपर्क रजिस्टर बनाया जाएगा। इसमें तिथि, क्रम संख्या, किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, संभावित क्रय तिथि व विक्रय के लिए संभावित मात्रा का अंकन किया जाएगा। सभी केंद्रों पर धान विक्रय के लिए टोकन रजिस्टर बनाते हुए किसानों के मध्य टोकन वितरित किया जाएगा। सभी तहसील में धान खरीद से संबंधित एक-एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसका नंबर तहसील स्थित सभी धान क्रय केंद्रों पर प्रदर्शित किया जाएगा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनुराग पांडेय ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जनपद में विपणन शाखा के 38, पीसीएफ के 22, पीसीयू के 71, यूपीएसएस के 13, मंडी समिति के 08 एवं भारतीय खाद्य निगम के एक समेत कुल 153 धान क्रय केंद्रों का अनुमोदन हुआ है। सभी केंद्रों की जियो टैगिंग एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग पूरी है। वर्ष 2025-26 के तहत कुल 53 मिलों द्वारा आवेदन किया गया है। जिसमें से सभी 53 मिलों का भौतिक सत्यापन एवं 52 मिलों का ऑनलाइन डाटा लॉक/सत्यापन पूर्ण है।
धान गीला या गंदा होने पर तत्काल अस्वीकृत नहीं होगा-धान गीला या गंदा होने पर तत्काल अस्वीकृत नहीं किया जायेगा। केंद्र पर साफ करने एवं सुखाने का मौका दिया जायेगा, फिर भी मानक में नहीं होने पर अस्वीकृत ऑनलाइन पोर्टल पर किया जायेगा। रिजेक्शन रजिस्टर में नाम, पता, पंजीकरण, फोन, मात्रा, स्वीकृति का कारण दर्ज किया जाएगा। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी/मंडी सचिव/केन्द्र प्रभारी/दो प्रगतिशील किसान अपीलीय समिति में होंगे। किसी भी केंद्र से किसानोें को अनावश्यक वापस नहीं किया जायेगा। सभी केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों से शिष्टाचार पूर्वक व्यवहार किया जायेगा। अन्यथा की स्थिति में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।