सतुवा संक्रांति के दिन श्रद्धालुओं ने गंगा के विभिन्न घाटों पर स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन कर सत्तू, गुड़ का दान किया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में लोग गंगा घाटों पर स्नान कर मंदिरों में दर्शन पूजन कर मनाया। ताजपुर डेहमा संवाददाता के अनुसार सतुआन पर गंगा स्नान करने के लिए पुरुष एवं महिलाएं गाड़ी पर सवार होकर गांजे बाजे के साथ नदी स्नान करने गई। वहीं बहुत से लोग निजी साधन से गए। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों ने अपने अपने घरों से चार बजे भोर में ही निकल पड़े। ददरी घाट, चितनाथ घाट, कलेक्टर घाट सहित ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जमानिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के लोगों ने गंगा स्नानकर सतुआ और गुड़ का दान कर पर्व मनाया। यहां के बलुआ घाट, जमदग्नि घाट समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ रही। ऐसे ही गंगा घाट मेदिनीपुर, ताड़ीघाट, भगीरथपुर, डुहिया, मतसा, देवरिया पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सतुआन पर्व पर दोपहर में सत्तु खाने की पुरानी परंपरा है। जिसका लोगों ने निर्वहन किया।