कासिमाबाद। यूपी बड़ौदा बैंक की ब्रांच से बृहस्पतिवार की देर शाम सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम मुद्रा लोन के लिए बिचौलिये को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करने के बाद ब्रांच में शनिवार को सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं, बैंक के फील्ड ऑफिसर गायब हैं, जिन्हें सीबीआई के लखनऊ की एंटी करप्शन टीम खोज रही है। इधर, बैंक में लिंक फेल होने की नोटिस लगा दिया गया है, जिससे सन्नाटा पसरा है।
मऊ रोड पर यूपी बड़ौदा बैंक की ब्रांच है। शिकायत है कि विवेक गुप्ता निवासी खजूरगांव इस बैंक से मुद्रा लोन के लिए आवेदन किया। इस लोन के लिए फील्ड ऑफिसर सुनील चौबे और बिचौलिया रविंद्र राम निवासी राजापुर नसीरुद्दीनपुर थाना कासिमाबाद मिलकर उससे 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की।
बताया जा रहा है कि विवेक ने उसकी शिकायत शिकायत की, जिसके बाद सीबीआई की लखनऊ शाखा की एंटी करप्शन टीम बृहस्पतिवार को तीन बजे बैंक में पहुंची। विवेक गुप्ता से रविंद्र राम को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया।
टीम ने शुक्रवार को बैंक के फील्ड ऑफिसर सुनील चौबे की तलाश में बलिया स्थित उनके निजी आवास पर छापा मारा। सीबीआई टीम के पहुंचने करने की सूचना पर शनिवार को ब्रांच में लिंक फेल की नोटिस लगी दी गई। इससे कोई ग्राहक बैंक के अंदर नहीं गया।
वहीं, फील्ड ऑफिसर की कुर्सी खाली थी। कैशियर और मैनेजर अपने स्थान पर मौजूद देखे गए। ब्रांच के अंदर पुरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। यही नहीं सीबीआई की छापेमारी चर्चा पुरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि विवेक गुप्ता का पहले से ही लोन है। उसका मुद्रा लोन देने का कोई सवाल ही नहीं है। सीबीआई की कार्रवाई हुई है। सभी मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है।